विदेशी बाजार टूटने से सोयबीन तेल-तिलहन, पाम-पामोलीन तेल में गिरावट

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 13-02-2026
Soybean oil-oilseeds, palm-palmolein oil fall due to collapse in foreign market
Soybean oil-oilseeds, palm-palmolein oil fall due to collapse in foreign market

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
विदेशी बाजारों में गिरावट रहने के बीच देश के तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को सोयाबीन तेल-तिलहन तथा पाम-पामोलीन तेल के दाम में गिरावट आई जबकि दाम ऊंचा बोले जाने से सरसों तेल-तिलहन तथा मांग बढ़ने के कारण बिनौला तेल के दाम में मजबूती रही। सामान्य एवं सुस्त कामकाज के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के दाम स्थिर बने रहे।

शिकॉगो एक्सचेंज बृहस्पतिवार रात दो प्रतिशत टूटा था और फिलहाल भी यहां 1.5 प्रतिशत की गिरावट है। जबकि मलेशिया एक्सचेंज दोपहर साढ़े तीन बजे मामूली सुधार के साथ बंद हुआ।
 
बाजार सूत्रों ने बताया कि विशेषकर शिकागो एक्सचेंज में बृहस्पतिवार को भी करीब दो प्रतिशत की गिरावट थी और अभी भी यहां गिरावट है जिसका असर आयातित तेल-तिलहनों पर दिखाई दिया और सोयाबीन तेल-तिलहन के दाम में गिरावट आई। ब्राजील में सोयाबीन की फसल काफी अच्छी है और वहां के व्यापारी तीन-चार महीने आगे के सौदे, मौजूदा हाजिर दाम से लगभग आठ रुपये किलो नीचे बेच रहे हैं।
 
अगर मौजूदा रुख बना रहा तो इसका असर सरसों कीमत पर देखने को मिल सकता है। वहीं, जाड़े में पाम-पामोलीन की मांग कमजोर बने रहने के कारण पाम-पामोलीन तेल के दाम में गिरावट रही। मलेशिया एक्सचेंज में मामूली सुधार जरूर है मगर यह पाम-पामोलीन की मांग बढ़ाने में विफल रहा।
 
उन्होंने कहा कि एक ओर बाजार में जहां सोयाबीन तेल टूटा है तो पाम-पामोलीन की कहां से मांग बढ़ सकती है। वैसे सोयाबीन प्लांट वालों ने भी आज सोयाबीन के दाम घटाये हैं। लेकिन यह गिरावट टिकाऊ रूप नहीं लेगा और ऐसी उम्मीद की जा सकती है कि सोयाबीन में आगे जाकर फिर से सुधार आ सकता है।