न्यूयॉर्क/वाशिंगटन
अमेरिका के सर्जियो गोर ने भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में अपना पदभार संभाल लिया है। गोर ने सोमवार को सोशल मीडिया पर अपने पहले दिन की जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्हें नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में काम करने का अवसर मिलने पर गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने बताया कि वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और अमेरिका-भारत साझेदारी को मजबूत करने के लिए काम शुरू करने को लेकर उत्साहित हैं।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे. डी. वेंस ने ट्वीट कर कहा, “बधाई हो, राजदूत महोदय। आप बहुत अच्छा काम करेंगे।” वहीं, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी यही भावना व्यक्त की और कहा, “आप वाकई बहुत अच्छा काम करेंगे।”
इसके अलावा, उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ ने भी गोर का स्वागत करते हुए कहा कि वह उनकी टीम के बेहतरीन सदस्य साबित होंगे।
नौ जनवरी को भारत पहुंचने के बाद, गोर ने अमेरिकी दूतावास के कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन के लिए भारत से अधिक महत्वपूर्ण कोई देश नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने व्यापार समझौतों को अंतिम रूप देने के प्रयासों पर जोर दिया।
गोर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच दोस्ती का उल्लेख करते हुए कहा, “सच्चे दोस्त असहमत हो सकते हैं, लेकिन अंत में हमेशा अपने मतभेद सुलझा लेते हैं।”
गोर ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्होंने बताया कि व्यापार वार्ता को अंतिम चरण तक पहुँचाना आसान नहीं है, लेकिन दोनों देश इसे पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि व्यापार के साथ-साथ सुरक्षा, आतंकवाद विरोध, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी दोनों देश मिलकर काम करेंगे।
सर्जियो गोर का भारत में आगमन और पदभार ग्रहण दोनों देशों के मजबूत रणनीतिक और आर्थिक संबंधों का प्रतीक है। उपराष्ट्रपति वेंस, विदेश मंत्री रुबियो और उप विदेश मंत्री लैंडौ के स्वागत और बधाई संदेश यह दर्शाते हैं कि अमेरिका भारत को एक भरोसेमंद और महत्वपूर्ण साझेदार मानता है। गोर का कार्यकाल व्यापार, सुरक्षा और तकनीकी सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई पर ले जाने की उम्मीद जगाता है।