अलगाववादी विचारधारा वाले ‘मौलवी’ प्रगति में बाधा डाल रहे: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 30-11-2025
Separatist-minded 'clerics' hindering progress: Muslim Rashtriya Manch
Separatist-minded 'clerics' hindering progress: Muslim Rashtriya Manch

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) ने अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा भारत में असुरक्षित महसूस किये जाने के जमीयत उलमा-ए-हिंद (जेयूएच) के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के दावे को रविवार को खारिज कर दिया।
 
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक एसके मुद्दीन ने एक बयान में कहा कि देश में मुसलमानों को पूर्ण संवैधानिक अधिकार और सुरक्षा प्राप्त है।
 
मदनी ने शनिवार को आरोप लगाया था कि बुलडोजर कार्रवाई, पीट-पीटकर हत्या, मुस्लिम वक्फ को कमजोर करने और इस्लामी सुधारों जैसी कार्रवाइयों के माध्यम से देश में एक समूह का वर्चस्व स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
 
उन्होंने यह भी दावा किया कि बाबरी मस्जिद के फैसले और कई अन्य फैसलों के बाद यह धारणा बढ़ी है कि अदालतें सरकारी दबाव में काम कर रही हैं।
 
मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष मुद्दीन ने इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी अन्य देश की तुलना में भारत में मुसलमान ‘सबसे सुरक्षित’ हैं। उन्होंने दावा किया कि अब शायद ही कभी निषेधाज्ञा लागू की जाती है जबकि 2014 से पहले समाचार पत्रों में दंगों की दैनिक खबरें प्रकाशित होती थीं।