जम्मू
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे मेहराब पुल सहित कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की मंगलवार को उच्च स्तरीय समीक्षा की गई। यह समीक्षा क्षेत्र में सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से की गई।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, रियासी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मुकुंद तिबरेवाल ने अरनास उपमंडल में स्थित विभिन्न संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थलों का निरीक्षण किया। इनमें चिनाब रेलवे पुल, दुग्गा रेलवे स्टेशन और सावलकोट जलविद्युत परियोजना शामिल हैं।
निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने चिनाब पुल के आसपास तैनात सुरक्षा बलों से बातचीत की। उन्होंने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के जवानों से सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली और मौजूदा तैयारियों की समीक्षा की।
अधिकारियों ने बताया कि चिनाब पुल जैसे रणनीतिक ढांचे की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र भौगोलिक और सुरक्षा दोनों दृष्टिकोण से संवेदनशील माना जाता है। एसएसपी ने इस दौरान आसपास के गांवों और वन क्षेत्रों पर भी नजर रखने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उनका कहना था कि विभिन्न एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने की प्रक्रिया मजबूत होनी चाहिए, ताकि किसी भी संभावित खतरे को पहले ही रोका जा सके।
निरीक्षण के दौरान एसएसपी तिबरेवाल ने आधुनिक निगरानी तकनीकों के उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी उपकरणों का प्रभावी उपयोग सुरक्षा को और मजबूत बना सकता है।
इसके अलावा उन्होंने दुग्गा रेलवे स्टेशन और सावलकोट क्षेत्र में तैनात सुरक्षा कर्मियों और ग्राम रक्षा समूह के सदस्यों से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय स्तर पर सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के महत्व पर चर्चा की और लोगों को सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया।
एसएसपी ने धंसल पुलिस चौकी और अरनास थाने का भी दौरा किया। वहां उन्होंने पुलिस व्यवस्था, तैनाती और क्षेत्रीय सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की।
प्रशासन का कहना है कि रियासी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी और सुरक्षा समीक्षा आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। इस तरह के निरीक्षण से सुरक्षा बलों की तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
कुल मिलाकर, इस समीक्षा का उद्देश्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और आम जनता की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।