तिरुवनंतपुरम
चुनाव आयोग ने मंगलवार को केरल में सभी जिला चुनाव अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि मतगणना केंद्रों पर मौजूद स्ट्रॉन्ग रूम या बिना सील किए गए कमरों को किसी भी परिस्थिति में मतगणना दिवस से पहले नहीं खोला जाए।
यह निर्देश केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू. केलकर की ओर से जारी किया गया है। यह कदम उस रिपोर्ट के बाद उठाया गया जिसमें कहा गया था कि कोझीकोड जिले की पेरांब्रा विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम रखने वाले एक स्ट्रॉन्ग रूम को सोमवार को खोला गया था। साथ ही पलक्कड़ जिले की नेनमारा सीट में भी इसी तरह के कमरे को खोलने की योजना की बात सामने आई थी।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में स्ट्रॉन्ग रूम या बिना सील किए गए कमरों को न तो खोला जाएगा और न ही उनमें प्रवेश किया जाएगा। यह विशेष रूप से इस उद्देश्य से भी नहीं किया जा सकता कि इंडेक्स कार्ड तैयार किए जाएं या ईएनसीओआर (ENCORE) पोर्टल पर डेटा की जांच की जाए।
आदेश में कहा गया है कि सभी संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना होगा, ताकि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता, सुरक्षा और निष्पक्षता बनी रहे।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता के. मुरलीधरन ने कहा कि चुनाव नियमों के अनुसार किसी भी व्यक्ति को स्ट्रॉन्ग रूम के पास जाने की अनुमति नहीं होती। उन्होंने सवाल उठाया कि सामग्री कक्ष को स्ट्रॉन्ग रूम के पास क्यों रखा गया और इस पूरी प्रक्रिया में संदेह की स्थिति क्यों बनी।
मुरलीधरन ने आरोप लगाया कि इस घटना की गंभीर जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस और यूडीएफ इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं। उनके अनुसार, कुछ घटनाएं इस ओर संकेत करती हैं कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर जनता के जनादेश को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं।
हालांकि, कोझीकोड जिला प्रशासन ने सोमवार को ही इस मामले पर स्पष्टीकरण दिया था। जिला कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी स्नेहिल कुमार सिंह ने कहा था कि कोई भी स्ट्रॉन्ग रूम नहीं खोला गया था।उन्होंने बताया कि जेडीटी इस्लाम हायर सेकेंडरी स्कूल में स्थित एक बिना सील किया गया “मटेरियल रूम” उम्मीदवारों के एजेंटों की मौजूदगी में रिकॉर्ड जांच और अपडेट करने के लिए खोला गया था।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि ईवीएम और वीवीपैट मशीनें पूरी तरह सुरक्षित तरीके से पहली मंजिल पर स्थित सील किए गए स्ट्रॉन्ग रूम में रखी गई थीं, जिसे केंद्रीय पर्यवेक्षकों और उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है।
इसके बावजूद कांग्रेस और यूडीएफ नेताओं ने इस घटना को चुनाव नियमों का उल्लंघन बताया है और जांच की मांग की है।केरल में 9 अप्रैल को हुए 140 विधानसभा सीटों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी अधिकारियों को पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।