आतंकवादियों को ‘वैधता’’ देने के लिए सुरक्षा परिषद की सदस्यता का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए: भारत

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 20-08-2026
Security Council membership should not be used to give
Security Council membership should not be used to give "legitimacy" to terrorists: India

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
भारत ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सदस्यता का इस्तेमाल आतंकवादियों को प्रतिबंध व्यवस्था से बाहर कराने की कोशिश कर उन्हें ‘‘वैधता’’ प्रदान करने या केवल ‘‘राजनीतिक विचारों’’ के आधार पर संस्थाओं को काली सूची में डालने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

भारत ने जोर देकर कहा कि 15 सदस्यीय इस शक्तिशाली निकाय को संकीर्ण हित साधने का मंच नहीं बनना चाहिए।
 
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में प्रभारी राजदूत योजना पटेल ने सुरक्षा परिषद की कार्यप्रणाली पर बुधवार को चर्चा के दौरान संस्था की प्रतिबंध व्यवस्थाओं के तहत आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों को काली सूची में डालने एवं सूची से हटाने की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता एवं निष्पक्षता की आवश्यकता पर जोर दिया।
 
उन्होंने कहा, ‘‘सुरक्षा परिषद की सदस्यता के साथ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां जुड़ी होती हैं। इसे संकीर्ण राजनीतिक हित साधने का मंच नहीं बनना चाहिए।’’
 
पटेल ने कहा, ‘‘सूचीबद्ध करना और सूची से हटाना इसका एक उदाहरण है। इस मामले में अधिक पारदर्शिता और निष्पक्षता होनी चाहिए। सुरक्षा परिषद में मौजूदगी का इस्तेमाल आतंकवादियों को सूची से हटाने का प्रयास कर उन्हें वैधता देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए और न ही इसका इस्तेमाल अन्य संस्थाओं को केवल राजनीतिक विचारों के आधार पर तथा किसी वस्तुनिष्ठ मानदंड के बिना या आवश्यक दस्तावेज मुहैया कराए बिना आतंकवादी संगठन घोषित करने के लिए किया जाना चाहिए।’’