न्यायालय राजस्थान के धर्मांतरण-विरोधी कानून की वैधता संबंधी याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 13-04-2026
SC agrees to hear plea on validity of Rajasthan's anti-conversion law
SC agrees to hear plea on validity of Rajasthan's anti-conversion law

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 उच्चतम न्यायालय 'राजस्थान विधिविरुद्ध धर्म-संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2025' की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सोमवार को सहमत हो गया।

भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने याचिका पर राजस्थान सरकार और केंद्र को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है।
 
पीठ ने इस याचिका को 2025 के इस अधिनियम की वैधता को चुनौती देने वाली अन्य लंबित याचिकाओं के साथ संबद्ध कर दिया।
 
नयी याचिका में इस अधिनियम को संविधान के भाग-तीन के अधिकार क्षेत्र से बाहर होने के कारण ‘‘असंवैधानिक और शून्य’’ घोषित करने की मांग की गई है।
 
उच्चतम न्यायालय ने इससे पहले राजस्थान सरकार और अन्य से एक अलग याचिका पर जवाब मांगा था, जिसमें 'राजस्थान विधिविरुद्ध धर्म-संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2025' की वैधता को चुनौती दी गई थी।
 
उसने सितंबर में राज्य विधानसभा द्वारा पारित इस अधिनियम के खिलाफ दायर याचिका पर नोटिस जारी किया था।
 
उच्चतम न्यायालय उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, झारखंड और कर्नाटक सहित कई राज्यों के धर्मांतरण विरोधी कानूनों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक समूह पर भी सुनवाई कर रहा है।