उपग्रहों का शोर दूरबीनों और जीपीएस के कामकाज को कर रहा बाधित, क्या है इस समस्या का हल

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 04-11-2026
Satellite noise is disrupting the functioning of telescopes and GPS. What is the solution to this problem?
Satellite noise is disrupting the functioning of telescopes and GPS. What is the solution to this problem?

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 एक दशक से भी कम समय पहले पृथ्वी की कक्षा में करीब 2,000 सक्रिय उपग्रह थे। आज इनकी संख्या बढ़कर 15,000 से अधिक हो गई है। आने वाले समय में लाखों और उपग्रह भेजने की योजना है।
 
इन उपग्रहों से पैदा होने वाली 'अंतरिक्ष अपशिष्ट' की समस्या पर काफी चर्चा हुई है।
 
लेकिन एक दूसरी समस्या पर बहुत कम ध्यान दिया गया है। इन उपग्रहों से निकलने वाला रेडियो शोर उन दूरबीनों को प्रभावित कर रहा है, जो ब्रह्मांड को समझने में हमारी मदद करती हैं। इससे जीपीएस को सही ढंग से काम करने में मदद देने वाले माप भी गलत हो रहे हैं।
 
राहत की बात यह है कि इस समस्या को ठीक करने का एक तरीका है, बशर्ते हम अभी कदम उठाएं।
 
प्रारंभिक ब्रह्मांड को समझना
 
रेडियो दूरबीनें उन संकेतों को पकड़ सकती हैं, जो बिग बैंग के कुछ समय बाद पैदा हुए थे। इनकी मदद से खगोलविद प्रारंभिक ब्रह्मांड और पिछले 13.8 अरब वर्ष में इसके विकास को समझ पाते हैं।
 
रेडियो दूरबीनें बहुत दूर स्थित आकाशगंगाओं की सटीक स्थिति का पता लगाने में भी मदद करती हैं। इन आकाशगंगाओं को आधार बनाकर पृथ्वी पर जीपीएस जैसी तकनीकों को अधिक सटीक बनाया जाता है। जीपीएस का इस्तेमाल किसी स्थान का पता लगाने, रास्ता खोजने और समय निर्धारित करने के लिए होता है।