संभल हिंसा: विहिप ने न्यायिक आयोग की रिपोर्ट का किया स्वागत; नामजद लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 06-08-2026
Sambhal violence: VHP welcomes judicial commission report; demands immediate arrest of those named
Sambhal violence: VHP welcomes judicial commission report; demands immediate arrest of those named

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने 2024 के संभल हिंसा मामले में न्यायिक आयोग की रिपोर्ट का बृहस्पतिवार को स्वागत किया और उसमें नामजद लोगों के लिए कड़ी सजा की मांग की।
 
विहिप ने आरोप लगाया कि ये दंगे शाही जामा मस्जिद के अदालत के आदेश वाले सर्वेक्षण में बाधा डालने के लिए रची गई एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थे।
 
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित न्यायिक आयोग इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि संभल में नवंबर 2024 में हुई हिंसा स्थानीय सांसद जिया-उर-रहमान बर्क, समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल, जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष जफर अली, वकील कासिम अली और मशहूद अली फारूक़ी तथा मस्जिद प्रबंधन कमेटी के लड्डन खान और अन्य सदस्यों द्वारा रची गई थी।
 
बुधवार को 370 पन्नों की यह रिपोर्ट उत्तर प्रदेश विधानसभा में पेश की गई।
 
विहिप के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने एक वीडियो बयान में कहा, ‘‘आयोग ने यह साबित कर दिया है कि हिंसा अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। इसमें शामिल लोगों को, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उन्हें ऐसी कड़ी सजा दी जाए ताकि उत्तर प्रदेश में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।’’
 
जैन ने आरोप लगाया कि ‘‘षडयंत्रकारियों ने अपने स्वार्थ के लिए देश को दंगों की आग में झोंक दिया।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘वे मुस्लिम समुदाय को आत्मघाती रास्ते पर ले जाते हैं, उन्हें उकसाते हैं और सड़कों पर उतारते हैं।’’
 
संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दूसरे चरण के दौरान 24 नवंबर 2024 को हिंसा भड़क गई थी। अदालत के आदेश पर यह सर्वे, एक याचिका दायर होने पर किया जा रहा था। याचिका में दावा किया गया था कि मस्जिद एक प्राचीन हरिहर मंदिर के स्थान पर बनाई गई थी।
 
हिंसा की इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए थे। घटना के संबंध में 12 प्राथमिकी दर्ज की गई थीं।
 
विहिप के संयुक्त महासचिव ने दावा किया कि अदालत के आदेश वाले शाही जामा मस्जिद के सर्वे को रोकने के लिए हिंसा भड़काई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के जरिए झूठी बातों का प्रसार किया गया। साथ ही भीड़ को उकसाने में, जुमे के दिन बर्क के संबोधन ने भी भूमिका निभाई।
 
उन्होंने यह भी दावा किया कि रिपोर्ट में संभल में सांप्रदायिक दंगों, हिंदुओं पर हमलों, मंदिरों पर कब्जे और इलाके से हिंदुओं के जबरन पलायन के इतिहास का जिक्र किया गया है। उन्होंने दावा किया कि ऐसी घटनाएं एक पैटर्न को दर्शाती हैं।