कच्चे तेल में तेजी से भारत की वृद्धि दर के घटकर छह प्रतिशत रहने का अनुमानः ईवाई

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 29-04-2026
Rising crude oil prices may push India's growth rate down to 6%: EY
Rising crude oil prices may push India's growth rate down to 6%: EY

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें अधिक रहने की स्थिति में चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर घटकर करीब छह प्रतिशत रह सकती है, जबकि खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर छह प्रतिशत तक पहुंच सकती है। ईवाई इंडिया ने बुधवार को यह आकलन जारी किया।
 
परामर्श कंपनी ईवाई इंडिया के मुख्य नीति सलाहकार डी के श्रीवास्तव ने कहा कि यदि भारतीय कच्चे तेल ‘बास्केट’ की औसत कीमत वित्त वर्ष 2026-27 में 120 डॉलर प्रति बैरल रहती है, तो वास्तविक जीडीपी वृद्धि करीब छह प्रतिशत और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति छह प्रतिशत तक बढ़ सकती है।
 
उन्होंने कहा, “राजकोषीय घाटे पर दबाव कम करने के लिए बढ़ी ऊर्जा कीमतों का असर अपेक्षाकृत अधिक हद तक उपभोक्ताओं तक पहुंचाना होगा।”
 
ईवाई की इकॉनमी वॉच रिपोर्ट के मुताबिक, नीतिगत हस्तक्षेप की गुंजाइश सीमित है, लेकिन हालात को देखते हुए रेपो दर में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की आपूर्ति के स्रोतों में तेजी से विविधीकरण पर विचार किया जाना चाहिए।
 
श्रीवास्तव ने पश्चिम एशिया संकट लंबा खिंचने की आशंका जताते हुए कहा कि इसका हल निकल जाने पर भी कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति के सामान्य होने में खासा समय लग सकता है।
 
अमेरिका के एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (ईआईए) के अप्रैल 2026 के ‘अल्पावधि ऊर्जा परिदृश्य’ के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड की कीमतें 2026 की पहली तिमाही के औसत 81 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर दूसरी तिमाही में 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। हालांकि, संकट की दिशा बदलने पर कीमतों में नरमी भी आ सकती है।