Revenue officer and forest guard suspended for dereliction of duty in Jammu and Kashmir
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में एक राजस्व अधिकारी और डोडा जिले में एक वन रक्षक को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, सांबा जिले में उपायुक्त आयुषी सूदन ने बार-बार निर्देश के बावजूद निर्धारित समयसीमा के भीतर राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण पूरा नहीं करने पर ‘गिरदावर’ पंकज सिंह जमवाल को निलंबित करने का आदेश दिया है।
बाड़ी ब्राह्मण के तहसीलदार ने रिपोर्ट दी थी कि पटवार हलक्वा स्माइलपुर में आठ अप्रैल से 15 अप्रैल के बीच कोई भी ‘जमाबंदी’ डिजिटल नहीं की गई।
आदेश में कहा गया, ‘‘अधिकारी का आचरण अपने दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही और कर्तव्य की उपेक्षा को दर्शाता है।’’
इसमें कहा गया कि जांच लंबित रहने तक संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर सांबा तहसीलदार कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। विजयपुर के उप-मंडल मजिस्ट्रेट को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है और उन्हें 15 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
डोडा जिले में भद्रवाह क्षेत्र में अवैध तरीके से देवदार की लकड़ी ले जा रहे एक वाहन की जब्ती के बाद वन विभाग के वन रक्षक मुश्ताक अहमद को भी निलंबित कर दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि वन संरक्षण बल और नेरू रेंज के कर्मचारियों की संयुक्त टीम ने 21 और 22 अप्रैल की दरमियानी रात जलगा गांव में देवदार की लकड़ियों से लदे एक वाहन को पकड़ा था।
अभियान के दौरान प्रभारी वन रक्षक उसी रास्ते पर अपनी निजी गाड़ी में घूमते पाया गया और उसके पास से एक बैग में ‘मैकेनिकल कटर’ भी बरामद हुआ।
निलंबित गार्ड को जांच लंबित रहने तक संभागीय वन कार्यालय, भद्रवाह से संबद्ध कर दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि लकड़ी के स्रोत की पहचान, जिम्मेदारी तय करने और कानूनी कार्रवाई के लिए विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं और एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।