Relief from heat and humidity in Delhi due to heavy rain.
नई दिल्ली
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में गुरुवार को तेज बारिश हुई, जिससे पिछले कई दिनों से जारी गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली। बारिश के दौरान कई हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहे और मौसम सुहावना हो गया। हालांकि, मौसम विभाग ने दिन के अलग-अलग समय में बारिश और गरज के साथ बौछारों की संभावना जताई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में दोपहर 12:30 बजे से 3:30 बजे के बीच हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जबकि बारिश की संभावना लगभग 20 प्रतिशत बताई गई है।
शाम के समय बारिश की संभावना और बढ़ सकती है। IMD के मुताबिक, शाम 4:30 बजे से 6:30 बजे के बीच दिल्ली के कई हिस्सों में छिटपुट गरज के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है और बारिश की संभावना करीब 35 प्रतिशत तक बताई गई है।
देश के कई राज्यों में मानसून सक्रिय
दिल्ली के अलावा देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश, असम, गुजरात, ओडिशा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई है। IMD ने कई जिलों के लिए रंग आधारित मौसम चेतावनी भी जारी की है। इन चेतावनियों में भारी से लेकर अत्यधिक भारी बारिश और उससे जुड़े संभावित खतरों को लेकर लोगों को सतर्क किया गया है।
उत्तर प्रदेश में बांदा, प्रयागराज और मिर्जापुर समेत कुछ जिलों के लिए अत्यधिक भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, आसपास के कई जिलों को येलो अलर्ट के दायरे में रखा गया है।
हिमाचल में बारिश से जनजीवन प्रभावित
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और खराब मौसम ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, राज्य में 166 सड़कें बंद हैं। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग-003 भी शामिल है।
बारिश और खराब मौसम का असर बिजली तथा जलापूर्ति पर भी पड़ा है। राज्य में 130 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 222 जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं। सड़क संपर्क के मामले में मंडी सबसे अधिक प्रभावित जिला बताया गया है, जहां 84 सड़कें बंद हैं।
केरल तट पर रेड अलर्ट
केरल में भी मौसम को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है। IMD ने केरल के तट के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही केरल, लक्षद्वीप, दक्षिण तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय इलाकों में स्वेल सर्ज और हाई वेव वार्निंग जारी की गई है।
तटीय क्षेत्रों में समुद्र के अशांत रहने की संभावना है और लहरों की ऊंचाई 1.1 से 2.2 मीटर तक पहुंच सकती है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। छोटे मछली पकड़ने वाले जहाजों, नावों की आवाजाही और समुद्र तट से जुड़ी गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
ओडिशा में बाढ़ का खतरा
ओडिशा में भी प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है। IMD के मुताबिक, 15 अगस्त तक राज्य के 52 ब्लॉकों के 429 गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित थे। राहत और बचाव कार्यों के लिए 79 टीमें तैनात की गई थीं।
केंद्रीय जल आयोग ने राज्य के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड के खतरे की भी चेतावनी दी है। ऐसे में प्रशासन को सतर्क रहने और प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली में बारिश ने फिलहाल लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी है, लेकिन देश के कई राज्यों में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने से मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगरानी लगातार जारी है।