Rehabilitation drive: Naxalites in Madhya Pradesh are giving up guns and learning sewing and driving.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
घने जंगलों में हथियार उठाने की जिंदगी छोड़कर सिलाई-कढ़ाई और वाहन चलाने जैसे हुनर सीखने के साथ ही यहां आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली अब मुख्यधारा में लौटने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
कभी नक्सल गतिविधियों का गढ़ रहे मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में अब ये पूर्व नक्सली शांतिपूर्ण जीवन अपनाते हुए नयी शुरुआत करने में जुटे हैं। पुलिस इनके पुनर्वास के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पिछले साल दिसंबर में कहा था कि राज्य नक्सल समस्या से मुक्त हो चुका है। केंद्र ने भी 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य तय किया है।
जिला पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘जो नक्सली पहले बंदूक उठाते थे, वे अब सिलाई-कढ़ाई, ड्राइविंग और जेसीबी (खुदाई मशीन) चलाना सीख रहे हैं। जिले को नक्सलवाद से मुक्त किए जाने के बाद पुलिस आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को समाज में फिर से घुलने-मिलने और आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर रही है।’’