आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उच्चतम न्यायालय ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मां रानी कपूर और पत्नी प्रिया कपूर के बीच पारिवारिक न्यास को लेकर जारी विवाद में बृहस्पतिवार को कहा कि मध्यस्थता की प्रक्रिया ‘‘काफी संतोषजनक’’ ढंग से बढ़ रही है और उसे ‘‘उम्मीद’’ है कि यह विवाद आपसी सहमति से सुलझा लिया जाएगा।
न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने मध्यस्थ की ओर से दाखिल शुरुआती मध्यस्थता रिपोर्ट पर गौर किया।
पीठ ने कहा, ‘‘हमने देखा है कि अबतक मध्यस्थता की प्रक्रिया छह सत्रों में हुई है। मध्यस्थ ने परिवार के सभी सदस्यों से बातचीत की है। हमें यह जानकर खुशी है कि मध्यस्थता काफी संतोषजनक ढंग से आगे बढ़ रही है। हमें इस बात से भी खुशी है कि सभी पक्ष सहयोग कर रहे हैं।’’
शीर्ष अदालत ने इस बात का भी संज्ञान लिया कि मध्यस्थ ने दो नवंबर तक मध्यस्थता के लिए समय देने का अनुरोध किया है।
पीठ ने कहा, ‘‘...(संबंधित) पक्षों को खुले मन और दिल से मध्यस्थ के पास जाना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे किसी लंबे कानूनी विवाद में न फंसें। मध्यस्थता को बढ़ने दें, हम एक और रिपोर्ट का इंतजार करेंगे।’’
न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया कि मध्यस्थ की फीस का भुगतान ‘‘आर.के. फैमिली ट्रस्ट’’ से किया जाए और इस संबंध में आगे कोई बहस नहीं होनी चाहिए।