राम मंदिर की रेकी करने वाला आतंकी घोषित

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 04-07-2026
Ram Temple recce accused declared terrorist
Ram Temple recce accused declared terrorist

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान में मौजूद 23 व्यक्तियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (यूएपीए) के तहत शनिवार को ‘‘आतंकवादी’’ घोषित किया। ये लोग पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और अन्य आतंकी संगठनों से हैं।

इनमें से छह भारतीय नागरिक हैं, जो अब पाकिस्तान या पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में रहते हैं।
 
केंद्र सरकार ने जिन लोगों के नाम जोड़े हैं, उनमें जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकियों में मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसद्दिक उर्फ डॉक्टर, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान उर्फ अबू साद, हाफिज अब्दुल शकूर उर्फ कारी जर्रार, अब्दुल्ला जिहादी, गुलाम फरीद, मौलाना इमदादउल्ला मक्की और वसीम नूर जट शामिल हैं।
 
इसी तरह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकियों में फिरदौस अहमद भट, हारून राशिद गनई, बिलाल अहमद मीर, आबिद कय्यूम लोन, नज़ीर अहमद गुज्जर, अब्दुल रऊफ उर्फ हाफिज अब्दुल रऊफ, अशफाक अहमद, हाफिज खालिद वलीद, मौलाना सैफुल्लाह खालिद, मोहम्मद याकूब, मौलाना यूसुफ तैबी, ओवैस फारूज, कारी याकूब शेख, राणा इफ्तिखार और मोहम्मद शहीद फैसल शामिल है। फैसल अल-कायदा और आईएसआईएस से भी जुड़ा है।
 
मोहम्मद मुसद्दिक ने अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर, नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुख्यालय और पानीपत में आईओसीएल रिफाइनरी की टोह लेने में अहम भूमिका निभाई थी।
 
मसूद इलियास कश्मीरी एक पाकिस्तानी नागरिक है, जिसे मुफ्ती मसूद इलियास और अबू मोहम्मद जैसे कई नामों से जाना जाता है। वह मसूद अजहर का करीबी सहयोगी और संगठन का वह मुख्य व्यक्ति है जो कश्मीर में घुसपैठ को अंजाम दिलाता है।
 
गृह मंत्रालय ने बताया कि इलियास पर सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को भर्ती करने, आतंकवाद के लिए पैसा जुटाने और जम्मू के सुंजवान में पीडीपी कार्यालय के नजदीक पुलिस जांच चौकी पर अप्रैल 2022 में हुए हमले की साजिश रचने का आरोप है।
 
मुफ्ती मोहम्मद असगर खान की पहचान पीओजेके में जेईएम के अमीर और उसकी कथित सैन्य शाखा के प्रमुख के तौर पर की गई है।
 
मंत्रालय ने कहा कि असगर नगरोटा में भारतीय सेना के शिविर पर हुए हमले का मुख्य षड्यंत्रकर्ता था और वह मुजफ्फराबाद में प्रशिक्षण शिविर चलाता है।
 
जेईएम और हरकत-उल-मुजाहिदीन से जुड़े हाफिज अब्दुल शकूर पर आरोप है कि उसने नगरोटा सैन्य शिविर पर हमले के लिए सांबा-कठुआ सेक्टर से तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों की घुसपैठ में मदद की थी।
 
अब्दुल्ला जिहादी जेईएम का एक गुर्गा है। उसने असगर के साथ मिलकर साजिश रची, उत्तरी कश्मीर में घुसपैठ में मदद की, भारत सरकार के खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश की और कुपवाड़ा व बारामूला में आतंकी घुसपैठ में मदद की।
 
सीमा पार रहने वाले भारतीय नागरिकों में लश्कर से जुड़ा फिरदौस अहमद भट भी शामिल है।