आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में राजस्थान के नागौर और जालोर समेत विभिन्न जिलों में बुधवार को पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पुतले फूंके और नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
जालोर जिले के सांचौर कस्बे में राज्य के पूर्व मंत्री सुखराम बिश्नोई के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कार्यालय से अतिरिक्त जिला कलक्टर कार्यालय तक रैली निकाली।
इस दौरान प्रधानमंत्री का पुतला फूंककर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
बिश्नोई ने आरोप लगाया कि छात्रों और आम जनता से जुड़े मुद्दों, विशेषकर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक मामले को उठाने वाले राहुल गांधी को गलत तरीके से हिरासत में लिया गया।
उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है।
नागौर में जिला कांग्रेस अध्यक्ष हनुमान बांगड़ा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कार्यालय से कलक्ट्रेट तक मार्च निकाला और प्रधानमंत्री का पुतला फूंका। बांगड़ा ने आरोप लगाया कि जनता की आवाज दबाने के लिए राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया। उन्होंने पुलिस कार्रवाई के विरोध में 'जेल भरो' आंदोलन की घोषणा भी की।
जैसलमेर में मंगलवार शाम बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता हनुमान सर्किल पर एकत्र हुए। इसके बाद वे गांधी दर्शन पहुंचे, जहां महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरने पर बैठे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।"
इसके बाद प्रदर्शनकारी कोतवाली थाने पहुंचे और सांकेतिक गिरफ्तारी देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिया गया है, लिहाजा उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए।