आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोशी में अचानक आई भीषण बाढ़ से तबाह हुए क्षेत्रों में राहत और पुनर्निर्माण कार्य के लिए भारी बारिश ने नयी चुनौती खड़ी कर दी है। अधिकारियों ने भूस्खलन, बाढ़ और मलबे के बहाव के नए खतरों की चेतावनी दी है।
देश के जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार से रविवार तक देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है, साथ ही गंडकी और लुंबिनी प्रांतों के कुछ हिस्सों में अत्यधिक बारिश होने की संभावना है।
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण, मौसम और बाढ़ का पूर्वानुमान लगाने वाली संस्थाओं के साथ मिलकर नदियों के जलस्तर और आपदा के खतरों पर नज़र रख रहा है।
छब्बीस अगस्त को अचानक आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया। हिमालयी सीमावर्ती इलाके से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी बाढ़ का पानी अपने साथ नीचे की ओर ले गई, जिससे घर, गाड़ियाँ, सड़कें और पुल बह गए तथा पनबिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुँचा।
इस आपदा में 1,450 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई, तथा लगभग 5,600 लोग अब भी लापता हैं।