आवाज द वाॅयस/नई दिल्ली
बॉलीवुड के जाने पहचाने चरित्र अभिनेता और कॉमेडियन मुश्ताक खान का 24 सितंबर 2026 को मुंबई में निधन हो गया। ‘Welcome’, ‘Gadar: Ek Prem Katha’ और ‘Hum Hain Rahi Pyar Ke’ जैसी फिल्मों में अपने यादगार अभिनय से दर्शकों के बीच पहचान बनाने वाले मुश्ताक खान लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। उनके निधन की पुष्टि फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज यानी FWICE के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने की। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

मुश्ताक खान के निधन की खबर सामने आते ही बॉलीवुड और उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई। वह उन कलाकारों में शामिल थे जिन्होंने मुख्य भूमिकाओं से ज्यादा अपने छोटे और सहायक किरदारों के जरिए दर्शकों के दिल में जगह बनाई।
उनकी खासियत यह थी कि स्क्रीन पर उनका किरदार चाहे कुछ मिनट के लिए ही क्यों न दिखाई दे, वह अपनी मौजूदगी दर्ज करा देता था। चेहरे के भाव, संवाद बोलने का अंदाज और सहज कॉमिक टाइमिंग उनकी पहचान बन चुके थे। यही वजह है कि हिंदी सिनेमा के दर्शक उन्हें कई फिल्मों के किरदारों के नाम से आज भी याद करते हैं।
मुश्ताक खान की सबसे चर्चित भूमिकाओं में 2007 की फिल्म ‘Welcome’ का Ballu किरदार शामिल है। अनीस बज्मी की इस कॉमेडी फिल्म में उनके सामने अक्षय कुमार, नाना पाटेकर और अनिल कपूर जैसे बड़े कलाकार थे।
इसके बावजूद मुश्ताक खान ने अपने हिस्से के दृश्यों में ऐसी छाप छोड़ी कि Ballu फिल्म के यादगार किरदारों में शामिल हो गया। खास तौर पर नकली पैर और हॉकी खिलाड़ी वाला उनका संवाद दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ। वर्षों बाद भी यह दृश्य सोशल मीडिया पर साझा होता रहा और लोग मुश्ताक खान को इसी किरदार और संवाद से पहचानते रहे।
‘Welcome’ से जुड़ी इस याद को फिल्म के निर्देशक अनीस बज्मी ने भी उनके निधन के बाद साझा किया। बज्मी के मुताबिक शुरुआत में मुश्ताक खान के लिए फिल्म में कोई बड़ा रोल तय नहीं था। उन्होंने अभिनेता से साफ कह दिया था कि उन्हें मुख्य भूमिका जैसा कोई हिस्सा नहीं मिलेगा और वह एक बॉडीगार्ड के पीछे खड़े नजर आएंगे।

इसके बावजूद मुश्ताक खान फिल्म का हिस्सा बनने के लिए तैयार हो गए। बज्मी ने बताया कि शूटिंग शुरू होने के कुछ दिन बाद उन्हें महसूस हुआ कि मुश्ताक खान के लिए संवाद वाला हिस्सा होना चाहिए। इसके बाद उन्होंने रातभर बैठकर उनके लिए एक विशेष दृश्य तैयार किया।
अनीस बज्मी ने बताया कि उस दृश्य में नाना पाटेकर और अनिल कपूर भी मौजूद थे। उन्होंने दोनों कलाकारों से कहा कि इस हिस्से में वे चुप रहेंगे और मुश्ताक खान का किरदार बोलेगा। दोनों ने इस बात को सहजता से स्वीकार किया।
इसके बाद जो दृश्य तैयार हुआ, वह ‘Welcome’ के सबसे ज्यादा याद किए जाने वाले हास्य दृश्यों में शामिल हो गया। बज्मी ने मुश्ताक खान को याद करते हुए कहा कि वह बहुत अच्छे दोस्त और अच्छे इंसान थे। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ समय पहले दोनों की मुलाकात हुई थी और उन्होंने साथ बैठकर काफी बातचीत की थी। बज्मी के मुताबिक उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि मुश्ताक खान किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे।
मुश्ताक खान के निधन पर अभिनेता संजय मिश्रा ने भी उन्हें याद किया। संजय मिश्रा ने उन्हें अपने जीवन में एक समय ‘guardian’ जैसा बताया। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें किसी सलाह की जरूरत होती थी, वह मुश्ताक खान से बात करते थे।
संजय मिश्रा ने उनके निधन को दुखद बताते हुए कहा कि वह बहुत अच्छे कलाकार थे, लेकिन उन्हें वह पहचान और श्रेय नहीं मिला जिसके वह हकदार थे। यह बात मुश्ताक खान के लंबे फिल्मी सफर को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने दर्जनों फिल्मों में काम किया, लेकिन उनका नाम अक्सर मुख्य कलाकारों की सूची से अलग रह गया। फिर भी उनके निभाए किरदार दर्शकों की स्मृति में बने रहे।
Rest in Peace, Mushtaq Khan.
— urbanfakir.art (@UrbanFakir_NFT) September 24, 2026
The man who made a whole generation laugh with just the first few words — “Meri ek taang nakli hai…” — is gone at 56 after a fight with cancer. That one line from Welcome is enough.
Condolences to his family. The industry lost a quiet craftsman… pic.twitter.com/V1R98Ay5yf
मुश्ताक खान ने हिंदी सिनेमा में अपने सफर की शुरुआत ‘Albert Pinto Ko Gussa Kyon Aata Hai’ से की थी। इसके बाद उन्होंने लगातार फिल्मों में काम किया और अलग अलग तरह के किरदार निभाए। ‘Aashiqui’, ‘Dil Hai Ki Manta Nahin’, ‘Sadak’, ‘Hum Hain Rahi Pyar Ke’, ‘Krantiveer’, ‘Raja’, ‘Hera Pheri’, ‘Jodi No. 1’, ‘Mujhse Shaadi Karogi’, ‘Welcome’, ‘Wanted’, ‘Oh My God!’, ‘Rowdy Rathore’ और ‘Stree’ जैसी फिल्मों में उनकी मौजूदगी देखने को मिली। उनका करियर केवल कॉमेडी तक सीमित नहीं था। उन्होंने गंभीर और चरित्र आधारित भूमिकाएं भी निभाईं।
‘Gadar: Ek Prem Katha’ में भी मुश्ताक खान का किरदार दर्शकों ने याद रखा। उन्होंने फिल्म में गुल खान की भूमिका निभाई थी। दो दशक से ज्यादा समय बाद वह ‘Gadar 2’ में भी नजर आए। इस तरह वह हिंदी सिनेमा की उन फ्रेंचाइजी का हिस्सा रहे जिनके किरदार लंबे समय तक दर्शकों के बीच लोकप्रिय रहे।
उनकी फिल्मोग्राफी में ‘Badhaai Do’, ‘Stree 2’ और दूसरी हालिया फिल्में भी शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक अपने करियर के अंतिम दौर में भी वह फिल्मों और मनोरंजन से जुड़े प्रोजेक्ट्स में सक्रिय रहे।
फिल्मों के अलावा मुश्ताक खान ने टेलीविजन और थिएटर में भी काम किया। ‘Wagle Ki Duniya’, ‘Chamatkar’ और ‘Tedhe Medhe Sapne’ जैसे टीवी कार्यक्रमों से भी उनकी पहचान बनी। थिएटर से उनका जुड़ाव उनके अभिनय सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि बचपन से ही उन्हें अभिनय का शौक था। स्कूल के दिनों में वह नाटक और मोनो एक्टिंग करते थे। कॉलेज पहुंचने के बाद उन्होंने लिखने, अभिनय करने और नाटकों का निर्देशन करने में भी रुचि दिखाई। यही रंगमंच का अनुभव बाद में उनके फिल्मी अभिनय में दिखाई दिया।

उनके शुरुआती संघर्ष की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं थी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार मध्य प्रदेश से आने वाले मुश्ताक खान ने अभिनय को अपना करियर बनाने का फैसला किया था। उनके परिवार में शुरुआत में इस फैसले को लेकर पूरी सहमति नहीं थी।
बाद में वह मुंबई पहुंचे और थिएटर से अपने सफर को आगे बढ़ाया। उन्होंने भारतीय जन नाट्य मंच से जुड़े रंगकर्म में भी काम किया। उनके अभिनय की प्रतिभा को धीरे धीरे पहचान मिली और फिर फिल्मों में काम के अवसर बढ़ते गए।
मुश्ताक खान की जिंदगी में नवंबर 2024 की एक घटना भी चर्चा में रही थी। उन्होंने दावा किया था कि दिल्ली मेरठ हाईवे पर उनका अपहरण किया गया था और उनसे फिरौती की मांग की गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक वह किसी तरह वहां से निकलने में सफल हुए थे। यह घटना उनके जीवन के कठिन दौरों में से एक थी। हालांकि बाद के वर्षों में उन्होंने अभिनय का काम जारी रखा और फिल्मों में नजर आते रहे।
मुश्ताक खान की मौत की वजह को लेकर सामने आई ताजा रिपोर्टों में कैंसर का उल्लेख है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक उन्हें पहले भी कैंसर का पता चला था और इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ था।
बाद में बीमारी दोबारा गंभीर हुई। उन्हें मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया और 24 सितंबर को उनका निधन हो गया। अलग अलग रिपोर्टों में उनकी उम्र को लेकर अंतर दिखाई देता है, इसलिए इस खबर में उम्र के विवादित आंकड़े को तथ्य के रूप में नहीं रखा जा रहा है।
Heartbreaking news. 💔 Veteran actor Mushtaq Khan has passed away at 56.
— Kashinath 2.0 (@TheDeolsFC) September 24, 2026
From Gullu in Gadar and Gadar 2 to his unforgettable Ballu in Welcome, he gave us so many memorable characters and moments.
RIP Mushtaq Khan. https://t.co/Bv3qTmjX6X pic.twitter.com/BxHo5mekWM
मुश्ताक खान के निधन के बाद अनीस बज्मी ने सोशल मीडिया पर उन्हें अपने ‘Balu’ के रूप में याद किया। उन्होंने अभिनेता को शानदार कलाकार और खूबसूरत इंसान बताया। उनके निधन के बाद प्रशंसकों ने भी ‘Welcome’, ‘Gadar’ और उनकी दूसरी फिल्मों के दृश्य साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
संजय मिश्रा की प्रतिक्रिया ने भी यह दिखाया कि मुश्ताक खान का प्रभाव केवल पर्दे तक सीमित नहीं था। उनके साथ काम करने वाले कई कलाकार उन्हें एक सहयोगी, दोस्त और मार्गदर्शक के रूप में याद करते हैं।
हिंदी सिनेमा में चरित्र कलाकारों की भूमिका अक्सर मुख्य सितारों की चमक के पीछे छिप जाती है। मुश्ताक खान का करियर इसी बात का उदाहरण है। उन्होंने पर्दे पर कभी नायक की भूमिका नहीं निभाई, लेकिन कई फिल्मों में उनके किरदार कहानी की याद का हिस्सा बन गए।
‘Welcome’ का Ballu इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। ‘Gadar’ में गुल खान की भूमिका हो या ‘Hum Hain Rahi Pyar Ke’ का किरदार, उनकी अभिनय शैली में सहजता दिखाई देती थी। वह दृश्य को जरूरत से ज्यादा खींचते नहीं थे। संवाद और हाव भाव के बीच उनका संतुलन ही उनकी खास पहचान थी।
मुश्ताक खान अब हमारे बीच नहीं हैं। लेकिन हिंदी फिल्मों के दर्शकों के लिए उनका नाम केवल एक अभिनेता का नाम नहीं रहेगा। ‘Welcome’ का Ballu, ‘Gadar’ का गुल खान और उनकी कई दूसरी भूमिकाएं उनकी फिल्मी विरासत का हिस्सा रहेंगी।
अनीस बज्मी ने जिस बात को याद किया, वही उनके पूरे करियर पर लागू होती है। कलाकार पर्दे से चले जाते हैं, लेकिन उनके निभाए किरदार अक्सर दर्शकों की याद में लंबे समय तक बने रहते हैं। मुश्ताक खान की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। उन्होंने बड़े पर्दे पर मुख्य किरदार कम निभाए, लेकिन छोटे किरदारों को यादगार बनाने की कला जरूर अपने पीछे छोड़ दी।

AQ प्रश्न:
मुश्ताक खान कौन थे? मुश्ताक खान हिंदी फिल्मों, टीवी और थिएटर के जाने पहचाने चरित्र अभिनेता थे। उन्हें ‘Welcome’, ‘Gadar: Ek Prem Katha’ और ‘Hum Hain Rahi Pyar Ke’ जैसी फिल्मों के लिए खास तौर पर याद किया जाता है।
मुश्ताक खान का निधन कब हुआ? उनका निधन 24 सितंबर 2026 को मुंबई में हुआ। उनके निधन की पुष्टि FWICE अध्यक्ष बीएन तिवारी ने की।
मुश्ताक खान ‘Welcome’ में कौन सा किरदार निभाते थे? उन्होंने ‘Welcome’ में Ballu का किरदार निभाया था। उनका हॉकी खिलाड़ी वाला हास्य दृश्य फिल्म के सबसे चर्चित दृश्यों में शामिल है।
मुश्ताक खान की मौत कैसे हुई? उपलब्ध ताजा मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वह कैंसर से जूझ रहे थे और मुंबई के नानावती अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हुआ।
मुश्ताक खान की प्रमुख फिल्में कौन सी हैं? ‘Welcome’, ‘Gadar: Ek Prem Katha’, ‘Gadar 2’, ‘Hum Hain Rahi Pyar Ke’, ‘Aashiqui’, ‘Hera Pheri’, ‘Jodi No. 1’, ‘Mujhse Shaadi Karogi’, ‘Stree’ और ‘Stree 2’ उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं।