रेलवे ने 2025 में तीन करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी बंद किये: वैष्णव

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 13-02-2026
Railways to block 30 million suspicious user IDs by 2025: Vaishnav
Railways to block 30 million suspicious user IDs by 2025: Vaishnav

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को राज्यसभा को बताया कि ऑनलाइन तत्काल टिकट बुकिंग में धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए 2025 में लगभग 3.03 करोड़ संदिग्ध ‘यूजर आईडी’ को बंद किया गया।
 
वैष्णव ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उच्च सदन को यह जानकारी दी।
 
उन्होंने साइबर हमलों से तत्काल टिकट बुकिंग प्रणाली की सुरक्षा के लिए रेल मंत्रालय द्वारा किये गए विभिन्न उपायों से अवगत कराते हुए बताया कि आधार आधारित वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) सत्यापन ने वास्तविक यात्रियों के लिए टिकट की उपलब्धता में सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने में योगदान दिया है।
 
उन्होंने नियमित सुरक्षा ऑडिट और निगरानी के अलावा विभिन्न तरीकों का उल्लेख किया, जिनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय रेल की आरक्षण प्रणाली उद्योग-मानक साइबर सुरक्षा से लैस एक मजबूत और अत्यधिक सुरक्षित मंच हो।
 
अनधिकृत पहुंच को रोकने और वास्तविक उपयोगकर्ताओं के लिए निर्बाध बुकिंग सुनिश्चित करने सहित विभिन्न प्रशासनिक उपायों को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘उपयोगकर्ता खातों का सख्त पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन किया गया है। वर्ष 2025 में लगभग 3.03 करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी बंद कर दी गई।’’
 
वैष्णव ने बताया कि आरक्षण प्रणाली की नियमित सुरक्षा जांच सीईआरटी-इन (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम) की सूचीबद्ध सूचना सुरक्षा ऑडिट एजेंसियों द्वारा की जाती है।
 
रेल मंत्री के अनुसार, 3.99 लाख संदिग्ध बुकिंग से संबंधित 376 शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर प्राप्त हुई हैं और 2025 में 12,819 संदिग्ध ईमेल डोमेन को ब्लॉक किया गया।
 
वैष्णव ने एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि लगभग 12,300 डिब्बे, जिनमें वर्तमान में परिचालित सभी वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनें और 460 इंजन शामिल हैं, सीसीटीवी कैमरों से लैस हैं।
 
रेल मंत्री ने कहा, ‘‘भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और संरक्षा में सुधार के उद्देश्य से डिब्बों और इंजन में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम शुरू किया। सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था से शरारती तत्वों की गतिविधियों, तोड़फोड़, चोरी को रोकने और घटनाओं की जांच में सहायता मिलने की उम्मीद है।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘क्षेत्रीय रेलवे और उत्पादन इकाइयों ने डिब्बों और इंजन में सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी खरीद के लिए कार्रवाई शुरू की। अब तक, रेलवे नेटवर्क पर परिचालित लगभग 12,300 डिब्बे (वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों के सभी परिचालन रेक सहित) और 460 इंजन सीसीटीवी कैमरों से लैस हैं।’’