प्रधान न्यायाधीश की अदालत में मामलों की तत्काल सुनवाई के अनुरोध के सीधे प्रसारण पर रोक

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 28-10-2026
Prohibition on live telecast of requests for urgent hearing of cases in the Chief Justice's court
Prohibition on live telecast of requests for urgent hearing of cases in the Chief Justice's court

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
उच्चतम न्यायालय ने भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अदालत में मामलों की तत्काल सुनवाई के लिए किए जाने वाले अनुरोधों के सीधे प्रसारण पर बुधवार को रोक लगा दी।

उच्चतम न्यायालय में वकील या स्वयं अपना पक्ष रखने वाले याचिकाकर्ता किसी मामले की तत्काल सुनवाई या उसे जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का मौखिक अथवा लिखित अनुरोध प्रधान न्यायाधीश या किसी पीठ से कर सकते हैं। इस प्रक्रिया को ‘मेंशनिंग’ कहा जाता है।
 
इससे पहले मंगलवार को एक वकील ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से संबंधित एक मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया था, जिस पर प्रधान न्यायाधीश ने नाराजगी जताई थी। इसके बाद यह कदम उठाया गया है।
 
प्रधान न्यायाधीश ने बिना कोई स्पष्ट मुद्दा सामने रखे मामलों की तत्काल सुनवाई का अनुरोध करने पर वकीलों के प्रति नाराजगी जताई थी। उन्होंने इसे ‘‘सबसे बड़ी परेशानी’’ करार देते हुए कहा था कि इस तरह के अनुरोध करने का चलन ‘‘पूरी तरह बंद होना चाहिए।’’