सबीहा फातिमा/बेंगलुरु
कर्नाटक में अल्पसंख्यक समुदाय के उद्यमियों, स्टार्टअप संस्थापकों और निवेशकों को एक मंच पर लाने की तैयारी है। मुस्लिम इंडस्ट्रियलिस्ट्स एसोसिएशन (MIA) 31 अक्टूबर को बेंगलुरु में UDAAN 2026 का आयोजन करने जा रही है। ‘एलिवेटिंग माइनॉरिटी एंटरप्रेन्योरशिप’ विषय पर आधारित इस कार्यक्रम का मकसद अल्पसंख्यक उद्यमिता को बढ़ावा देना, सरकारी योजनाओं तक पहुंच आसान बनाना और नए कारोबार के लिए निवेश तथा साझेदारी के अवसर पैदा करना है।
यह कार्यक्रम शनिवार को बेंगलुरु के एचबीआर लेआउट स्थित बेरीज एमिटी में सुबह 9:30 बजे से आयोजित होगा। आयोजकों के मुताबिक, इसमें उद्योग जगत के प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी, निवेशक, शिक्षाविद, स्टार्टअप संस्थापक और कारोबारी हिस्सा लेंगे।
कार्यक्रम में करीब 500 से 600 पंजीकृत प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि इसमें सामान्य प्रवेश की व्यवस्था नहीं होगी और भागीदारी के लिए पंजीकरण जरूरी है।
मुस्लिम इंडस्ट्रियलिस्ट्स एसोसिएशन का कहना है कि UDAAN 2026 केवल कारोबारी मुलाकात का कार्यक्रम नहीं है। इसका उद्देश्य सरकार, उद्योग, निवेशकों, शिक्षण संस्थानों और युवा उद्यमियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि कारोबार शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा हो सके।
अल्पसंख्यक उद्यमिता को बढ़ावा देने की पहल
मुस्लिम इंडस्ट्रियलिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल रशीद बी.जे. ने बेंगलुरु प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश में प्रतिभा, पूंजी और सरकारी योजनाएं मौजूद हैं, लेकिन इनके बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि UDAAN 2026 का उद्देश्य स्टार्टअप, उद्योग, उच्च संपत्ति वाले निवेशकों, सरकार और शिक्षण संस्थानों को एक मंच पर लाना है। उनके अनुसार, कई कारोबारी समस्याओं का समाधान तब निकल सकता है, जब संबंधित पक्ष एक दूसरे से सीधे बातचीत करें।
अब्दुल रशीद ने कहा कि यह सम्मेलन अल्पसंख्यक उद्यमियों के लिए अवसरों का दायरा बढ़ाने की कोशिश है। वे चाहते हैं कि छोटे कारोबार केवल अपनी शुरुआती जरूरतें पूरी करने तक सीमित न रहें, बल्कि बड़े उद्योगों में बदलें, रोजगार पैदा करें और कर्नाटक की अर्थव्यवस्था में अधिक योगदान दें।
एसोसिएशन का मानना है कि अल्पसंख्यक समुदाय में कारोबार करने की क्षमता और नए विचारों की कमी नहीं है। जरूरत ऐसे माहौल की है, जहां उद्यमियों को सही मार्गदर्शन, पूंजी, सरकारी सहायता और बाजार तक पहुंच मिल सके।
सरकारी सहायता का बजट 50 करोड़ रुपये करने की मांग
UDAAN 2026 में सरकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा। एसोसिएशन के अनुसार, पिछले वर्ष कर्नाटक माइनॉरिटीज डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (KMDC) के तहत 63 से अधिक आवेदकों में से केवल 30 को सहायता मिल सकी थी। इसके लिए पांच करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध था। आयोजकों के मुताबिक, अतिरिक्त प्रयासों से चार करोड़ रुपये और जुटाए गए।
मुस्लिम इंडस्ट्रियलिस्ट्स एसोसिएशन अब इस सहायता राशि को बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये करने की मांग कर रही है। संगठन का कहना है कि इससे अधिक संख्या में योग्य और संभावनाशील उद्यमियों को अपने कारोबार की शुरुआत करने या उसे विस्तार देने का अवसर मिल सकता है।
कार्यक्रम के दौरान संबंधित मंत्रियों को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपने की योजना है। इसमें औद्योगिक सब्सिडी का समान अवसरों के आधार पर वितरण, सरकारी अनुदान प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल बनाने, उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली लक्षित योजनाएं शुरू करने और कारोबार के अनुकूल नीतियां बनाने की मांग शामिल होगी।
एसोसिएशन के संयुक्त सचिव और परियोजना प्रमुख मोहम्मद अजमतुल्लाह ने कहा कि संगठन किसी विशेष रियायत की मांग नहीं कर रहा है। उसकी मांग है कि अल्पसंख्यक उद्यमियों को भी कारोबार स्थापित करने, रोजगार पैदा करने और राज्य के आर्थिक विकास में योगदान देने के लिए समान अवसर मिलें।
अल्पसंख्यक स्टार्टअप के लिए इनक्यूबेशन सेंटर की योजना
UDAAN 2026 में पहली बार एसोसिएशन एक समर्पित इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने की अपनी योजना सार्वजनिक रूप से पेश करेगी। इसका उद्देश्य नए उद्यमियों को कारोबार शुरू करने से लेकर उसे आगे बढ़ाने तक जरूरी सहायता उपलब्ध कराना है।
प्रस्तावित केंद्र में मेंटरशिप, कौशल प्रशिक्षण, उद्योग जगत से संपर्क, निवेशकों तक पहुंच और सरकारी योजनाओं के बारे में मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इससे उन युवाओं को मदद मिल सकती है, जिनके पास कारोबार का विचार तो है, लेकिन अनुभव, संसाधनों या सही संपर्कों की कमी है।
अब्दुल रशीद ने कहा कि एक इनक्यूबेशन सेंटर से शुरुआत हो सकती है, लेकिन लंबे समय में ऐसे सौ केंद्रों की जरूरत है। उन्होंने स्कूली स्तर पर कौशल शिक्षा शुरू करने की आवश्यकता भी बताई। उनके अनुसार, बच्चों को कक्षा छह से ही व्यावहारिक कौशल और उद्यमिता से परिचित कराया जाना चाहिए। इसके लिए स्नातक होने तक इंतजार करना पर्याप्त नहीं है।
एसोसिएशन शिक्षण संस्थानों और बड़े कारोबारी समूहों से भी इस दिशा में सहयोग की अपील कर रही है। अल अमीन, शाहीन, उम्मीद अकादमी, प्रेस्टीज और प्रेसिडेंसी जैसे संस्थानों के साथ संभावित सहयोग का उल्लेख किया गया है।
30 उद्यमियों और स्टार्टअप को मिलेगा सम्मान
कार्यक्रम के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के 30 स्टार्टअप संस्थापकों और उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, इन उद्यमियों ने कर्नाटक में सरकारी अनुदान और वित्तीय सहायता प्राप्त करने में सफलता हासिल की है।
सम्मान समारोह के साथ इन उद्यमियों को अपने कारोबार और व्यावसायिक योजनाओं को निवेशकों तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर भी मिलेगा। इसका मकसद केवल उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करना नहीं है। एसोसिएशन चाहती है कि इन प्रस्तुतियों से वास्तविक निवेश, कारोबारी साझेदारी और बाजार विस्तार के रास्ते खुलें।
स्टार्टअप संस्थापकों के लिए निवेशकों तक पहुंच बनाना अक्सर बड़ी चुनौती होती है। नए कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए पूंजी के साथ अनुभव, बाजार की समझ और उद्योग से जुड़े लोगों का मार्गदर्शन भी जरूरी होता है। UDAAN 2026 इसी अंतर को कम करने का प्रयास करेगा।
कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद वाले प्रमुख लोगों में मंत्री यू.टी. खादर और रिजवान अरशद, विधानसभा अध्यक्ष सलीम अहमद, मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार एल.के. अतीक तथा राज्यसभा सांसद मंसूर अली खान के नाम शामिल हैं। इसके अलावा उद्योगपति, निवेशक, व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि और स्टार्टअप संस्थापक भी आमंत्रित किए गए हैं। इनकी भागीदारी की अंतिम पुष्टि आयोजकों से की जानी चाहिए।
रोजगार मांगने से रोजगार पैदा करने तक का सफर
मुस्लिम इंडस्ट्रियलिस्ट्स एसोसिएशन की स्थापना वर्ष 2004 में बेंगलुरु के औद्योगिक क्षेत्र पीण्या में हुई थी। संगठन का औपचारिक पंजीकरण 2007 में कराया गया। इसके संस्थापक सदस्य उद्योग और कारोबार से जुड़े लोग थे। उनका मानना था कि समुदाय को केवल रोजगार तलाशने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि रोजगार पैदा करने वाले उद्यम भी विकसित करने चाहिए।
बीते दो दशकों में एसोसिएशन ने कारोबारी सम्मेलन, मासिक नेटवर्किंग बैठकें, ‘मुलाकात ए कारोबार’ कार्यक्रम, आजीविका संबंधी पहल और कौशल विकास गतिविधियां आयोजित की हैं।
एसोसिएशन के सचिव मीर अब्दुल हफीज के अनुसार, जब अल्पसंख्यक समुदाय के उद्यमी सफल होते हैं, तो इसका लाभ व्यापक अर्थव्यवस्था को मिलता है। नए कारोबार से रोजगार पैदा होता है, नवाचार को बढ़ावा मिलता है और समाज में आर्थिक आत्मविश्वास मजबूत होता है।
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष ताहिर शरीफ ने भी इस दिशा में मौजूदा चुनौती की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु को भारत की स्टार्टअप राजधानी कहा जाता है, लेकिन समुदाय के भीतर बड़े स्तर तक पहुंचने वाले स्टार्टअप और यूनिकॉर्न कंपनियों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। उनके मुताबिक, UDAAN 2026 इसी स्थिति को बदलने की एक कोशिश है।
UDAAN को वार्षिक आयोजन बनाने की तैयारी
मुस्लिम इंडस्ट्रियलिस्ट्स एसोसिएशन की योजना है कि UDAAN भविष्य में हर साल आयोजित किया जाए। संगठन इसे ऐसा मंच बनाना चाहता है, जहां सरकारी योजनाओं की व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा हो, निवेशकों को नए कारोबार की जानकारी मिले और युवा उद्यमियों को पूंजी तथा मार्गदर्शन हासिल करने का अवसर मिले।
कार्यक्रम में सीमित और पंजीकृत प्रतिभागियों को शामिल करने का फैसला भी इसी उद्देश्य से जुड़ा है। आयोजकों का कहना है कि वे बड़ी भीड़ जुटाने के बजाय उपयोगी कारोबारी बातचीत, गंभीर प्रस्तुतियों और वास्तविक साझेदारियों पर ध्यान देना चाहते हैं।
31 अक्टूबर को होने वाला यह आयोजन कर्नाटक में अल्पसंख्यक उद्यमिता, स्टार्टअप विकास और आर्थिक सशक्तीकरण से जुड़े मुद्दों को सामने लाएगा। इसकी सफलता केवल प्रतिभागियों की संख्या से नहीं, बल्कि इस बात से भी आंकी जाएगी कि सरकारी सहायता, निवेश, प्रशिक्षण और कारोबार विस्तार के क्षेत्र में कितने ठोस अवसर तैयार होते हैं।
अब्दुल रशीद बी.जे. के अनुसार, समुदाय के पास प्रतिभाशाली युवा, अनुभवी उद्योगपति और उपलब्ध सरकारी योजनाएं हैं। अब जरूरत इन्हें एक साथ जोड़ने वाले प्रभावी मंच की है। UDAAN 2026 इसी दिशा में एक पहल है।
कार्यक्रम एक नजर में
कार्यक्रम: UDAAN 2026, एलिवेटिंग माइनॉरिटी एंटरप्रेन्योरशिप
तारीख: शनिवार, 31 अक्टूबर 2026
समय: सुबह 9:30 बजे से
स्थान: बेरीज एमिटी, एचबीआर लेआउट, बेंगलुरु
आयोजक: मुस्लिम इंडस्ट्रियलिस्ट्स एसोसिएशन (MIA)
मुख्य उद्देश्य: अल्पसंख्यक उद्यमिता, स्टार्टअप निवेश, सरकारी सहायता, कौशल विकास और कारोबारी साझेदारी को बढ़ावा देना
प्रतिभागी: करीब 500 से 600 पंजीकृत लोगों की अपेक्षा
प्रमुख प्रस्ताव: KMDC सहायता राशि बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये करना और इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करना