नई दिल्ली
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश की आर्थिक बुनियाद काफी मजबूत हुई है और सरकार की नीतियों के चलते नागरिकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
राष्ट्रपति ने बताया कि यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हुई हालिया बातचीत भारत के विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों को गति देगी और युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर पैदा करेगी। उन्होंने कहा, “विभिन्न वैश्विक संकटों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।”
देश की अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर तिमाही में 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जो पिछले डेढ़ साल में सबसे अधिक है। राष्ट्रपति ने कहा कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखने में भी देश का रिकॉर्ड बेहतर हुआ है, जिसका लाभ विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को मिला।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से देशवासियों की आय, बचत और खरीद शक्ति बढ़ी है। उन्होंने ‘रिफॉर्म्स एक्सप्रेस’ के तहत पुराने नियमों और प्रावधानों को निरंतर आधुनिक जरूरतों के अनुसार बदलने की प्रक्रिया का उल्लेख किया।
राष्ट्रपति ने जीएसटी में ऐतिहासिक सुधारों का जिक्र करते हुए बताया कि इससे नागरिकों को करीब एक लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है। इसके अलावा, आयकर कानून में बदलाव कर 12 लाख रुपये तक की आय को कर-मुक्त किया गया, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग को अभूतपूर्व लाभ मिला।
उन्होंने नए श्रम कानूनों पर भी प्रकाश डाला, जिसमें दर्जनों पुराने कानूनों को चार संहिताओं में समेटा गया है, जिससे श्रमिकों को उचित पारिश्रमिक, भत्ते और कल्याणकारी लाभ आसान तरीके से मिल सकें।
राष्ट्रपति ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में पूर्वोत्तर में 7,200 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग और लगभग 50,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बनाई गई हैं, जिससे लोगों की अस्पतालों, स्कूलों और बाजारों तक पहुंच बेहतर हुई है।
कृषि क्षेत्र में सरकार की नीतियों के परिणामस्वरूप उत्पादन बढ़ा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक चार लाख करोड़ रुपये से अधिक सीधे किसानों के खातों में भेजे गए हैं। उन्होंने सहकारी आंदोलन, PLI योजना और 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक उत्पादन के आंकड़े भी साझा किए।
राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने करीब 750 अरब डॉलर का FDI आकर्षित किया है। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 2025 में चार नए विनिर्माण संयंत्रों को मंजूरी दी गई है, और कुल 10 नए कारखाने निकट भविष्य में चालू होंगे।
राष्ट्रपति ने कृत्रिम मेधा (AI) के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की और कहा कि डीपफेक, गलत सूचना और फर्जी सामग्री लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द के लिए गंभीर चुनौती बन रही हैं।उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक मंच पर जिम्मेदार भूमिका निभा रहा है। इस वर्ष BRICS समूह की अध्यक्षता और वैश्विक AI इम्पैक्ट सम्मेलन की मेजबानी महत्वपूर्ण पहलें हैं।
राष्ट्रपति ने अंत में कहा, “सभी नागरिक देख सकते हैं कि भारत भविष्य की यात्रा के एक अहम दौर में खड़ा है। आज लिए गए निर्णय आने वाले वर्षों में असर दिखाएंगे और देश को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।”