व्यापार समझौते ने ईयू में आयुष चिकित्सकों के लिए नए अवसर खोले: प्रधानमंत्री मोदी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 28-01-2026
The trade agreement has opened up new opportunities for AYUSH practitioners in the EU: Prime Minister Modi
The trade agreement has opened up new opportunities for AYUSH practitioners in the EU: Prime Minister Modi

 

नयी दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हाल ही में हुए ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) व्यापार समझौते के बाद भारतीय आयुष चिकित्सक अब यूरोपियन संघ के देशों में अपनी सेवाएं दे सकेंगे। यह कदम आयुर्वेद, योग और अन्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रचार-प्रसार और युवाओं के पेशेवर अवसरों को बढ़ावा देगा।

केरल में आर्य वैद्यशाला चैरिटेबल अस्पताल के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो संदेश के माध्यम से बताया कि समझौते के तहत आयुष चिकित्सक भारत में प्राप्त योग्यता के आधार पर ईयू के देशों में पेशेवर रूप से काम कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह यूरोप में आयुष आरोग्य केंद्र स्थापित करने में मदद करेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने सदियों से आयुर्वेद के माध्यम से लोगों का इलाज किया है, लेकिन इस प्राचीन चिकित्सा पद्धति का महत्व देश और विदेशों में पर्याप्त रूप से नहीं समझाया गया। इसका मुख्य कारण साक्ष्य आधारित अनुसंधान और शोधपत्रों की कमी रहा। मोदी ने बताया कि जब आयुर्वेदिक पद्धतियों को विज्ञान के दृष्टिकोण से परखा जाता है, तो जनता का भरोसा बढ़ता है।

मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि आर्य वैद्यशाला ने सीएसआईआर और आईआईटी जैसे संस्थानों के सहयोग से आयुर्वेद को वैज्ञानिक कसौटी पर परखा है। इसमें दवा अनुसंधान, क्लिनिकल शोध और कैंसर देखभाल पर विशेष ध्यान दिया गया है। आयुष मंत्रालय के सहयोग से कैंसर अनुसंधान के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र भी स्थापित किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्य वैद्यशाला ने आयुर्वेद को सुरक्षित रखने, प्रचारित करने और आधुनिक चिकित्सा प्रणाली के साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने संस्थापक वैद्यरत्नम पी.एस. वारियर के योगदान को भी याद किया।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद कभी किसी क्षेत्र या समय तक सीमित नहीं रहा और हमेशा जीवन में संतुलन और प्रकृति के साथ सामंजस्य का मार्ग दिखाता रहा है। आर्य वैद्यशाला वर्तमान में 600 से अधिक आयुर्वेदिक दवाओं का उत्पादन करती है और देश के विभिन्न हिस्सों में इसके अस्पताल उपचार प्रदान करते हैं, जिनमें 60 से अधिक देशों के मरीज शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि इस संस्था के प्रयासों से लोगों में भरोसा पैदा हुआ है और जब लोग मुश्किल में होते हैं, तो आर्य वैद्यशाला उनके लिए उम्मीद का बड़ा स्रोत बन जाती है।