Pregnant woman from Assam escapes from clutches of alleged newborn trafficking gang in Kerala
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
सुरक्षित जगह पर बच्चे को जन्म देने की उम्मीद में असम से करीब 3,000 किलोमीटर की यात्रा कर केरल पहुंची 22-वर्षीय गर्भवती महिला कथित रूप से नवजात शिशुओं की तस्करी करने वाले गिरोह के चंगुल में फंस गई। पुलिस को संदेह है कि यह गिरोह मध्य केरल से संचालित हो रहा है।
महिला के वहां से बच निकलने और उसकी शिकायत के बाद दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने एक कथित नेटवर्क की जांच भी शुरू कर दी है। पुलिस को संदेह है कि यह गिरोह दूसरे राज्यों की असहाय और जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं को मुफ्त रहने और इलाज की सुविधा देने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाता था और बच्चे के जन्म के बाद उन्हें बेचने की कोशिश करता था।
एरट्टुपेट्टा पुलिस ने तमिलनाडु के कोयंबटूर निवासी मुप्पिली राजा (27) और इडुक्की जिले के के. एस. अर्जुन (21) को गिरफ्तार किया है।
दोनों को पाला के निकट टीकोय स्थित उस घर से हिरासत में लिया गया, जहां महिला पहले रह रही थी। उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पुलिस ने हर्षिता नामक एक महिला के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है और कथित गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह असम स्थित अपने घर से इसलिए निकल गई थी, क्योंकि उसका पति लगातार उसपर गर्भपात कराने का दबाव बना रहा था।
पुलिस के अनुसार, महिला पहले से डेढ़ साल की एक बच्ची की मां है। उसने बताया कि उसके पति और परिवार के लोग दूसरे गर्भ के विरुद्ध थे, जिसके कारण उसे घर छोड़ना पड़ा। वह ऐसी जगह की तलाश में निकली थी, जहां वह सुरक्षित रूप से अपनी गर्भावस्था जारी रख सके और अपने बच्चे का पालन-पोषण कर सके।
पुलिस के अनुसार, दिल्ली में रहने के दौरान महिला को इंस्टाग्राम पर एक ऐसा अकाउंट मिला, जिसे उसने एक स्वयंसेवी संगठन का अकाउंट समझा। इस अकाउंट पर कथित रूप से गर्भवती महिलाओं को मुफ्त रहने और प्रसव का खर्च उठाने की पेशकश की गई थी। इस भरोसे में आकर वह 16 जुलाई को केरल के कोट्टयम पहुंची।