विजयवाड़ा
आंध्र प्रदेश में राजनीतिक तनाव एक बार फिर हिंसा में तब्दील हो गया है। पूर्व मंत्री और YSR Congress Party के वरिष्ठ नेता Jogi Ramesh के विजयवाड़ा के इब्राहिमपट्टनम स्थित आवास पर रविवार को हमला कर दिया गया। उपद्रवियों की एक बड़ी भीड़ ने न सिर्फ घर में तोड़फोड़ की, बल्कि उसे आग के हवाले भी कर दिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, हमलावर सुनियोजित तरीके से मौके पर पहुंचे, घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाया और घर के कुछ हिस्सों में आग लगा दी। अचानक हुई इस घटना से आसपास के लोग घबरा गए और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
YSRCP का आरोप: राजनीतिक प्रतिशोध
YSR कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने इस हमले को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। पार्टी का कहना है कि जोगी रमेश, जो एक प्रमुख बीसी (पिछड़ा वर्ग) नेता माने जाते हैं, को जानबूझकर निशाना बनाया गया। YSRCP नेताओं ने दावा किया कि बीते दो दिनों में पूर्व मंत्रियों पर लगातार हमले राज्य में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त होने का संकेत देते हैं।
पार्टी नेताओं ने कहा, “लगातार दूसरे दिन पूर्व मंत्रियों के घरों पर हमले यह दर्शाते हैं कि राज्य में राजनीतिक डराने-धमकाने का एक पैटर्न बन चुका है।”
अंबाती रामबाबू मामला भी गरमाया
यह घटना ऐसे समय पर हुई है, जब एक दिन पहले पूर्व मंत्री Ambati Rambabu के घर और कार्यालय पर भी कथित तौर पर टीडीपी कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किए जाने का आरोप लगा था। अंबाती रामबाबू को मुख्यमंत्री N Chandrababu Naidu के खिलाफ कथित टिप्पणी के मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
YSRCP प्रवक्ताओं ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर सीधे तौर पर हिंसा और अराजकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। पार्टी प्रवक्ता Konda Rajeev Gandhi ने कहा कि असहमति की आवाज़ों को दबाने के लिए हिंसा का सहारा लिया जा रहा है।
वहीं, YSRCP के राष्ट्रीय प्रवक्ता Karthik Yellapragada ने अंबाती रामबाबू पर हमले को “निर्मम हत्या का प्रयास” बताते हुए कहा कि यह सब सत्तारूढ़ नेतृत्व की सहमति से हुआ है।
मुख्यमंत्री नायडू का पलटवार
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने YSRCP के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि YSRCP की राजनीति का मूल चरित्र ही अपराधीकरण रहा है और उनकी सरकार ने 2024 में कानून का राज स्थापित किया। नायडू के मुताबिक, विपक्ष हताशा में अपशब्दों और आरोपों का सहारा ले रहा है।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि राज्य में कानून सर्वोपरि है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाज़त नहीं दी जाएगी।
राज्य की राजनीति में उबाल
लगातार हो रही इन घटनाओं ने आंध्र प्रदेश की राजनीति को और गरमा दिया है। विपक्ष जहां सरकार पर कानून-व्यवस्था विफल होने का आरोप लगा रहा है, वहीं सत्तारूढ़ दल इसे राजनीतिक बयानबाज़ी बता रहा है। फिलहाल, जोगी रमेश के घर पर हुए हमले की जांच जारी है और राज्य की राजनीति में टकराव और तेज़ होने के संकेत मिल रहे हैं।




