आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 1919 में जलियांवाला बाग नरसंहार में मारे गए लोगों को सोमवार को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका बलिदान भारत के लोगों के कभी न झुकने वाले जज्बे की याद दिलाता है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘जलियांवाला बाग नरसंहार के सभी अमर बलिदानियों को मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। विदेशी हुकूमत की बर्बरता के खिलाफ उनके अदम्य साहस और स्वाभिमान की गाथा देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उनका बलिदान हमारे लोगों के कभी न झुकने वाले जज्बे की पुरजोर याद दिलाता है।’’
औपनिवेशिक प्रशासन को दमनकारी शक्तियां प्रदान करने वाले रॉलेट एक्ट के खिलाफ 13 अप्रैल, 1919 को अमृतसर के एक बाग में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों लोगों को ब्रिटिश सेना ने बिना किसी उकसावे के गोली मार दी थी।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस नरसंहार में मारे गए लोगों की संख्या 379 थी लेकिन स्वतंत्रता आंदोलन के नेताओं का दावा था कि गोलीबारी में सैकड़ों और लोग मारे गए थे।