प्रधानमंत्री मोदी ने स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर उन्हें दी श्रद्धांजलि

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 04-07-2026
PM Modi pays tribute to Swami Vivekananda on his death anniversary
PM Modi pays tribute to Swami Vivekananda on his death anniversary

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और राष्ट्रीय चेतना को वैश्विक पहचान दिलाने में उनका योगदान अतुलनीय है।

स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था और उनका निधन चार जुलाई 1902 को हुआ था।
 
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में कहा, ‘‘ स्वामी विवेकानंद जी के निर्वाण दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और राष्ट्रीय चेतना को वैश्विक पहचान दिलाने में उनका योगदान अतुलनीय है।’’
 
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद की प्रखर बुद्धिमत्ता और प्रेरणादायक विचार आज भी करोड़ों युवाओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
 
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ उनके आध्यात्मिक संदेश विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में देश को निरंतर नई ऊर्जा और नई प्रेरणा देते रहेंगे।’’
 
स्वामी विवेकानंद का मूल नाम नरेंद्रनाथ दत्त था और उन्होंने रामकृष्ण मिशन की संस्थापना की थी।
 
उन्हें वर्ष 1893 में अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में दिए गए ऐतिहासिक संबोधन से अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली थी। इस भाषण में उन्होंने समाजसेवा और मानवता की सेवा को सर्वोच्च आदर्श के रूप में प्रस्तुत किया था।
 
 
राष्ट्रीय दिल्लीआवाज द वॉयस/नई दिल्ली
 
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर उन्हें दी श्रद्धांजलि
 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और राष्ट्रीय चेतना को वैश्विक पहचान दिलाने में उनका योगदान अतुलनीय है।
 
स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था और उनका निधन चार जुलाई 1902 को हुआ था।
 
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में कहा, ‘‘ स्वामी विवेकानंद जी के निर्वाण दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और राष्ट्रीय चेतना को वैश्विक पहचान दिलाने में उनका योगदान अतुलनीय है।’’
 
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद की प्रखर बुद्धिमत्ता और प्रेरणादायक विचार आज भी करोड़ों युवाओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
 
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ उनके आध्यात्मिक संदेश विकसित भारत के संकल्प  को साकार करने की दिशा में देश को निरंतर नई ऊर्जा और नई प्रेरणा देते रहेंगे।’’
 
स्वामी विवेकानंद का मूल नाम नरेंद्रनाथ दत्त था और उन्होंने रामकृष्ण मिशन की संस्थापना की थी।
 
उन्हें वर्ष 1893 में अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में दिए गए ऐतिहासिक संबोधन से अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली थी। इस भाषण में उन्होंने समाजसेवा और मानवता की सेवा को सर्वोच्च आदर्श के रूप में प्रस्तुत किया था।
 
 
राष्ट्रीय दिल्ली