आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में 11,473 फुट की ऊंचाई पर स्थित मदमहेश्वर मंदिर की यात्रा तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से अस्थायी तौर पर रोक दी गई है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर मदमहेश्वर जाने वाले पैदल मार्ग को जोखिमपूर्ण मानते हुए यह आदेश दिए हैं।
पंचकेदार शृंखला के इस प्रमुख मंदिर तक पहुंचने के लिए 14.50 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है। निर्माण कार्य और भूस्खलन के कारण मार्ग पर आवागमन जोखिमपूर्ण बना हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रतिकूल मौसम, भूस्खलन की घटनाओं और यात्रा मार्ग पर उत्पन्न सुरक्षा संबंधी जोखिमों को देखते हुए अगले आदेश तक यात्रा अस्थायी तौर पर रोक दी गई है।
उन्होंने बताया कि कई श्रद्धालु और यात्री सुरक्षा चेतावनियों की अनदेखी करते हुए भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से जबरन गुजर रहे हैं तथा जोखिमपूर्ण स्थानों पर तस्वीरें लेने और ‘सेल्फी’ लेने का प्रयास कर रहे हैं जिससे किसी भी समय गंभीर दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।
इसके अलावा, हाल में बनतोली में मोरखंडा नदी पर बना लकड़ी का अस्थायी पुल भी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बह गया। अब इस स्थान पर यात्रियों को ट्रॉली के माध्यम से नदी पार कराई जा रही है।