आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल में 142 विधानसभा सीट पर दूसरे और अंतिम चरण के मतदान में अपराह्न एक बजे तक 61.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
छिटपुट हिंसा के बीच भवानीपुर सीट पर उस समय तनाव फैल गया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी एक ही बूथ क्षेत्र में पहुंचे और दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए।
मतदान सुबह सात बजे शुरू हो गया तथा कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्व बर्धमान जिलों में मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की कतारें दिखीं।
इस चरण में मतदान के लिए पात्र कुल मतदाताओं में से 1.57 करोड़ महिलाएं हैं और 792 ट्रांसजेंडर हैं।
निर्वाचन आयोग ने बताया कि अपराह्न एक बजे तक पश्चिम बंगाल में 61.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
इससे पहले पूर्वाह्न 11 बजे तक पूर्व बर्धमान में सबसे अधिक 44.50 प्रतिशत मतदान हुआ, उसके बाद हुगली में 43.12 प्रतिशत और नदिया में 40.34 मतदान दर्ज किया गया।
हावड़ा में 39.45 प्रतिशत जबकि उत्तर 24 परगना में 38.43 प्रतिशत, कोलकाता उत्तर में 38.39 प्रतिशत, कोलकाता दक्षिण में 36.78 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
राजनीतिक रूप से अहम जिला दक्षिण 24 परगना में 37.9 प्रतिशत मतदान हुआ, जहां से कई रसूखदार उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
पश्चिम बंगाल की 152 विधानसभा सीट पर 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में भी पूर्वाह्न 11 बजे तक 41 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया।
एक निर्वाचन अधिकारी ने कहा, ‘‘कुछ इलाकों में मामूली घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। हमने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।’’
चक्रबेड़िया में एक ही बूथ क्षेत्र पर बनर्जी और अधिकारी सुबह-सुबह पहुंचे, जिसने मुख्यमंत्री के चुनावी गढ़ भवानीपुर को पूरे दिन का केंद्र बिंदु बना दिया। इससे प्रतिष्ठा की इस लड़ाई का प्रतीकात्मक महत्व और बढ़ गया, जिसे पिछले विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर चुनाव के दोहराव के रूप में देखा जा रहा है, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने उन्हें 2021 में हराया था।
स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेताओं को कथित तौर पर धमकाने की शिकायतें मिलने के बाद बनर्जी पहले से ही बूथ के बाहर बैठी दिखीं, तभी केंद्रीय बलों की भारी तैनाती के बीच अधिकारी भी वहां पहुंचे।
अपनी कार से उतरते हुए अधिकारी ने घोषणा की, ‘‘मैं किसी भी तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करूंगा।’’