10 people convicted in online harassment case of French First Lady Brigitte Macron
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पेरिस की एक अदालत ने फ्रांस की प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रों के ऑनलाइन उत्पीड़न के मामले में सोमवार को 10 लोगों को दोषी ठहराया।
अदालत ने सभी दोषियों को ‘साइबरबुलिंग’ जागरूकता प्रशिक्षण से लेकर आठ महीने के निलंबित कारावास तक की सजा सुनाई।
ब्रिजिट मैक्रों को निशाना बनाकर कथित ट्रांसजेंडर पहचान और कथित बाल यौन शोषण अपराध के बारे में किए गए झूठे दावों का जिक्र करते हुए अदालत ने ‘‘विशेष रूप से अपमानजनक, आपत्तिजनक और दुर्भावनापूर्ण’’ टिप्पणियों की ओर इशारा किया।
दोषी ठहराए गए लोगों में 41 साल से 65 वर्ष की आयु तक के आठ पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। उन पर आरोप था कि उन्होंने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पत्नी के जन्म से पुरुष होने का झूठा दावा करते हुए ऑनलाइन ‘‘अनेक दुर्भावनापूर्ण टिप्पणियां’’ कीं तथा उनके पति एवं उनके बीच उम्र में 24 साल के अंतर का जिक्र करते हुए इसे बाल यौन शोषण