Pending cases are not what they were 10-20 years ago, technology has yielded excellent results: CJI
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि देश में लंबित मुकदमों की स्थिति अब 10 या 20 साल पहले जैसी नहीं है और मुकदमों के त्वरित निपटारे के लिए प्रौद्योगिकी के माध्यम से बनाई गई विभिन्न योजनाओं के ‘‘बहुत अच्छे परिणाम’’ सामने आए हैं।
अदालतों में मुकदमों के बरसों-बरस लंबित रहने के बारे में पूछे जाने पर सीजेआई ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा कि मुकदमों के लंबित रहने के कई कारण हैं और इनका धीरे-धीरे सिलसिलेवार तरीके से समाधान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अब देश में लंबित मुकदमों की स्थिति 10 या 20 साल पहले जैसी नहीं है।
सीजेआई ने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी के माध्यम से मुकदमों के त्वरित निपटारे के लिए बहुत सारी हमारी योजनाएं बनी हैं और इनके बहुत अच्छे परिणाम सामने आए हैं।’’
महिला उत्पीड़न के कई मामलों के फर्जी साबित होने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में कोई सामान्य बयान नहीं दिया जा सकता और प्रत्येक मामला अपने विशिष्ट तथ्यों पर निर्भर करता है।
न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए शीर्ष अदालत के कॉलेजियम द्वारा अनुशंसित नामों को केंद्र सरकार द्वारा कई बार लौटाए जाने से जुड़े सवाल पर सीजेआई ने कहा,‘‘आप कॉलेजियम की बात यहां नहीं करेंगे। यह विधिक सेवा प्राधिकरण का कार्यक्रम है।’’
इससे पहले, सीजेआई ने इंदौर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के पश्चिमी जोन के क्षेत्रीय सम्मेलन में कहा कि न्याय तक जनता की प्रभावी पहुंच के लिए संवाद, गरिमा और समावेशन जरूरी हैं और कानूनी सहायता का उद्देश्य केवल मुकदमों का निपटारा करना नहीं, बल्कि लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना भी है।