Paytm में भारतीय निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़कर 56% हुई

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 14-10-2026
Paytm’s Indian ownership rises to 56%; domestic institutions continue to raise stake
Paytm’s Indian ownership rises to 56%; domestic institutions continue to raise stake

 

नई दिल्ली 
 
स्टॉक एक्सचेंजों में जमा किए गए लेटेस्ट शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, मोबाइल पेमेंट की अग्रणी कंपनी Paytm को चलाने वाली मूल कंपनी 'One 97 Communications Ltd.' में घरेलू हिस्सेदारी और बढ़ी है। सितंबर तिमाही (Q2 FY 2027) के अंत तक, भारतीय निवेशकों के पास कंपनी की 56% से ज़्यादा हिस्सेदारी थी। Paytm लगातार तीसरी तिमाही में मुख्य रूप से भारतीय स्वामित्व वाली कंपनी बनी हुई है, जिससे एक भारतीय स्वामित्व और नियंत्रण वाली कंपनी (IOCC) के तौर पर इसकी स्थिति और मज़बूत हुई है। Q2 FY 2027 में घरेलू संस्थागत स्वामित्व बढ़कर रिकॉर्ड 29.5% हो गया, जो पिछली तिमाही में 24.9% था। यह बढ़ोतरी जानी-मानी घरेलू संस्थाओं की बढ़ती भागीदारी को दिखाती है। तिमाही के दौरान ब्लॉक डील्स के लिए ज़बरदस्त मांग देखी गई, और घरेलू म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों और पेंशन फंड ने इनकी सप्लाई को खरीद लिया।
 
प्रमुख घरेलू म्यूचुअल फंड ने Q2 FY 2027 में अपनी कुल हिस्सेदारी Q1 FY 2027 के 17.9% से बढ़ाकर 21.2% कर दी। कोटक म्यूचुअल फंड ने अपनी हिस्सेदारी पिछली तिमाही के 1.51% से बढ़ाकर 2.13% कर दी। तिमाही के अंत में, SBI म्यूचुअल फंड (1.47%), एक्सिस म्यूचुअल फंड (1.13%) और सुंदरम म्यूचुअल फंड (1.05%) जैसे म्यूचुअल फंड भी पहली बार 1% से ज़्यादा हिस्सेदारी रखने वाले शेयरधारकों में शामिल हुए। घरेलू बीमा कंपनियों ने Q2 FY 2027 में अपनी कुल हिस्सेदारी Q1 FY 2027 के 5.3% से बढ़ाकर 6.2% कर दी। 
 
SBI लाइफ इंश्योरेंस ने अपनी हिस्सेदारी 1.50% से बढ़ाकर 1.74% कर दी, जबकि टाटा AIA लाइफ इंश्योरेंस ने अपनी हिस्सेदारी 1.75% से बढ़ाकर लगभग 2.2% कर दी। तिमाही के दौरान प्रोविडेंट और पेंशन फंड की हिस्सेदारी में भी बढ़ोतरी हुई। शेयरहोल्डिंग पैटर्न से पता चलता है कि पिछली तिमाही के 23.8% के मुकाबले FY2027 की दूसरी तिमाही में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) हिस्सेदारी घटकर 18.4% रह गई है। इसकी वजह जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान हुई दो बड़ी ब्लॉक डील थीं, जिनमें एलिवेशन कैपिटल से जुड़ी कंपनियों ने लगभग 2.3% हिस्सेदारी ₹2,038 करोड़ में और रेजिलिएंट एसेट मैनेजमेंट BV ने लगभग 3% हिस्सेदारी ₹2,949 करोड़ में बेची।
 
कंपनी की जानकारी के मुताबिक, घरेलू हिस्सेदारी में बढ़ोतरी हाल की तिमाहियों में दिखे ट्रेंड को ही आगे बढ़ाती है, जिसमें घरेलू संस्थागत निवेशकों ने Paytm में अपनी भागीदारी बढ़ाई है। FY2027 की पहली तिमाही में, Paytm का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 28% बढ़कर ₹2,448 करोड़ हो गया और PAT 79% बढ़कर ₹220 करोड़ हो गया, साथ ही कंपनी ने ₹203 करोड़ का अब तक का सबसे ज़्यादा तिमाही EBITDA दर्ज किया।