Flights halted at German airport after technical issue, fighter jets sent for security
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
जर्मनी में आपातकालीन संकेत मिलने के बाद विमान अपहरण की आशंका के चलते अधिकारियों ने एक हवाई अड्डे को कुछ समय के लिए बंद कर दिया और यात्री विमान की सुरक्षा के लिए लड़ाकू विमान भेजे। हालांकि, बाद में पता चला कि आपातकालीन संकेत रेडियो संचार में आई तकनीकी खराबी के कारण भेजा गया था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
विमानन कंपनी कोरेंडन एयरलाइंस ने बताया कि यूनान के कोर्फू से जर्मनी के न्यूरमबर्ग जा रहे बोइंग 737-800 विमान ने बुधवार सुबह क्रोएशिया के ऊपर उड़ान के दौरान रेडियो संचार प्रणाली में कुछ समय के लिए आई खराबी के कारण आपातकालीन संकेत भेजा था।
इसने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को दिए गए बयान में कहा कि विमान में वास्तव में कोई आपातकालीन स्थिति नहीं थी और उसमें सवार 178 यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा को कभी कोई खतरा नहीं हुआ। विमान सुरक्षित उतर गया।
जर्मनी की समाचार एजेंसी ‘डीपीए’ की खबर के अनुसार घटना के कारण का पता चलने से पहले एहतियात के तौर पर पुलिस ने न्यूरमबर्ग हवाई अड्डे की घेराबंदी कर दी थी।
पुलिस प्रवक्ता माइकल पेट्जोल्ड ने बाद में बताया कि अधिकारियों को विमान के कॉकपिट से सीधे एक ऐसा संकेत मिला था, जिससे विमान अपहरण की आशंका पैदा हुई।
उन्होंने कहा, ‘‘जब हम कॉकपिट से संपर्क नहीं कर पाए और हवाई यातायात नियंत्रण केंद्र भी वहां संपर्क स्थापित नहीं कर सका, तो हमें आशंका हुई कि कहीं विमान का अपहरण तो नहीं कर लिया गया है।’’
समाचार एजेंसी ‘डीपीए’ की खबर के अनुसार हवाई अड्डे के एक प्रवक्ता ने बताया कि एहतियात के तौर पर छह उड़ानों के संचालन में देरी हुई, जबकि वहां पहुंचने वाली दो उड़ानों का मार्ग बदलकर उन्हें दूसरे हवाई अड्डों पर भेज दिया गया।