आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस ने पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर बुधवार को दुख जताया और कहा कि इस हमले से ठीक पहले पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने भड़काऊ बयान दिया था, लेकिन अब पाकिस्तान ने वैश्विक प्रतिष्ठा हासिल कर ली है जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश नीति की विफलता दर्शाता है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि विदेश नीति में बदलाव की जरूरत है, लेकिन प्रधानमंत्री ऐसा नहीं करेंगे।
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, "आज 22 अप्रैल का दिन हर भारतीय के लिए सदैव अत्यंत पीड़ा और गहरी वेदना का दिन रहेगा। ठीक एक साल पहले पहलगाम में पाकिस्तान की ओर से आतंकी हमला हुआ था। हमारी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम उस स्थानीय युवा की बहादुरी को भी याद करते हैं जिसकी एक पर्यटक को बचाने की कोशिश करते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।"
रमेश ने कहा, "जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल (मनोज सिन्हा) ने माना कि यह एक खुफिया विफलता थी। यह स्पष्ट नहीं है कि इस स्वीकारोक्ति पर क्या कार्रवाई की गई, भले ही हत्यारों को कुछ महीने बाद न्याय के कटघरे में लाया गया।"
कांग्रेस नेता ने कहा कि नवंबर, 2008 में मुंबई में आतंकवादी हमले को अंजाम देने के बाद पाकिस्तान अलग-थलग पड़ गया था तथा इसकी अर्थव्यवस्था अभी भी खस्ताहाल है और बाहरी दानदाताओं से मिलने वाले अनुदान पर निर्भर है।
रमेश का कहना है, "अलगाववादी गतिविधियां पाकिस्तान की राजनीति और समाज में गहराई तक व्याप्त हैं। इसकी राजनीति निष्क्रिय है और सेना ही फैसले ले रही है।"