आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में आरएसएस के योगदान पर सवाल उठाया और आरोप लगाया है कि संघ संस्थापक के बी हेडगेवार को अंग्रेजी हुकूमत का विरोध करने के लिए नहीं बल्कि ‘खिलाफत आंदोलन’ का समर्थन करने के लिए जेल भेजा गया था।
आवैसी ने 15 जनवरी को होने वाले महानगर पालिका चुनाव से पहले सोमवार को छत्रपति संभाजीनगर में एक रैली को संबोधित करते हुए क्षेत्र में बांग्लादेशियों की मौजूदगी से इनकार किया और दावा किया कि अगर यहां कोई बांग्लादेशी प्रवासी पाया जाता है तो यह नरेन्द्र मोदी सरकार की विफलता को दर्शाएगा।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर इस तरह की बातों का इस्तेमाल अपने हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ाने और शासन की विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए करने का आरोप लगया और पार्टी की आलोचना की।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को निशाना बनाते हुए ओवैसी ने कहा, ‘‘क्या आरएसएस का कोई ऐसा नेता है जो अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए जेल गया हो?’’
एआईएमआईएम नेता ने दावा किया, ‘‘वे कहते हैं कि हेडगेवार को जेल हुई थी, लेकिन वह खिलाफत आंदोलन का समर्थन करने के लिए जेल गए थे और आज वे मुसलमानों के प्रति नफरत की बात करते हैं।’’