राजौरी में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन जारी, सातवें दिन सर्च अभियान तेज

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 29-05-2026
Operation against terrorists continues in Rajouri; search intensified on the seventh day.
Operation against terrorists continues in Rajouri; search intensified on the seventh day.

 

राजौरी (जम्मू-कश्मीर)।

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का व्यापक अभियान लगातार सातवें दिन भी जारी है। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा ‘ऑपरेशन शेरूवाली’ शुक्रवार को भी मंझाकोट सेक्टर के घने जंगलों में जारी रहा। सुरक्षा एजेंसियां इलाके में छिपे आतंकियों को पकड़ने या मार गिराने के लिए लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं।

अधिकारियों के अनुसार यह अभियान राजौरी के मंझाकोट सेक्टर स्थित गंभीर मुगलान और दोरीमल के घने वन क्षेत्रों में चलाया जा रहा है। खुफिया एजेंसियों से मिले विशेष इनपुट के आधार पर सुरक्षा बलों ने पिछले सप्ताह इस अभियान की शुरुआत की थी। सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध आतंकी इस क्षेत्र के दुर्गम जंगलों में छिपे हुए हैं और किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी में हो सकते हैं।

गुरुवार को अभियान के दौरान स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब दोरीमल के जंगल क्षेत्र में भारी गोलीबारी और गोलेबारी की आवाजें सुनाई दीं। इसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी और कड़ी कर दी। अधिकारियों का मानना है कि जंगलों में छिपे आतंकियों को बाहर निकालने के लिए अभियान निर्णायक चरण में पहुंच चुका है।

सुरक्षा बलों ने किसी भी संभावित भागने के रास्ते को बंद करने के लिए इलाके में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है। सेना, पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमों के अलावा विशेष बलों को भी अभियान में शामिल किया गया है। हेलीकॉप्टरों और आधुनिक निगरानी उपकरणों की मदद से पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि आतंकियों को जंगलों से बाहर निकालने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने एक मजबूत और अभेद्य घेरा तैयार किया है ताकि कोई भी आतंकी घने जंगलों का फायदा उठाकर फरार न हो सके।

राजौरी और पुंछ के सीमावर्ती क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों से आतंकियों की गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है। पहाड़ी और वन क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियां आतंकियों को छिपने में मदद करती हैं, जिसके कारण ऐसे अभियानों में कई दिन लग जाते हैं। सुरक्षा एजेंसियां लगातार इन इलाकों में निगरानी बढ़ा रही हैं और स्थानीय स्तर पर भी सूचनाएं एकत्र की जा रही हैं।

अधिकारियों का कहना है कि पूरे क्षेत्र को सुरक्षा निगरानी में रखा गया है और जंगलों के भीतर गहन तलाशी अभियान जारी है। सुरक्षा बलों को उम्मीद है कि जल्द ही अभियान अपने लक्ष्य तक पहुंचेगा और क्षेत्र में छिपे आतंकियों को निष्क्रिय कर दिया जाएगा।

‘ऑपरेशन शेरूवाली’ को हाल के महीनों में जम्मू-कश्मीर के राजौरी क्षेत्र में चलाए जा रहे सबसे बड़े संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियानों में से एक माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इसे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण अभियान के रूप में देख रही हैं।

फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और स्थानीय लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है। सुरक्षा बलों का कहना है कि अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक जंगलों में छिपे सभी आतंकियों का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय नहीं कर दिया जाता।