वर्ष 2021 में भारत में हृदय प्रतिरोपण की जरूरत का केवल 0.2 प्रतिशत पूरा हुआ: अध्ययन

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 29-07-2026
Only 0.2% of heart transplant needs met in India in 2021: Study
Only 0.2% of heart transplant needs met in India in 2021: Study

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 भारत में वर्ष 2021 में अंग प्रतिरोपण की उपलब्धता हृदय प्रतिरोपण की जरूरत का केवल 0.2 प्रतिशत, फेफड़े की जरूरत का 1.2 प्रतिशत और यकृत (लिवर) की जरूरत का 1.5 प्रतिशत ही पूरा कर सकी। ‘द लैंसेट रीजनल हेल्थ साउथईस्ट एशिया’ पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन से यह जानकारी मिली।
 
अध्ययन के अनुसार, उस वर्ष गुर्दा (किडनी) प्रतिरोपण की जरूरत का भी केवल 7.2 प्रतिशत हिस्सा ही पूरा हो पाया।
 
नयी दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट आफ लिवर एंड बाइलरी साइंसेस और फोर्टिस वसंत कुंज के शोधकर्ताओं वाले अध्ययन दल ने कहा कि वर्ष 2040 तक भारत में हर साल 1,43,722 गुर्दों, 2,10,649 यकृत, 95,711 हृदय और 12,846 फेफड़ों के प्रतिरोपण की जरूरत होने का अनुमान है।
 
शोधकर्ताओं ने कहा कि दुनिया में तीसरे सबसे अधिक अंग प्रतिरोपण करने वाले देशों में शामिल होने के बावजूद भारत में विभिन्न अंगों के लिए पूरी ना हो पाने वाली प्रतिरोपण जरूरतों का कोई व्यवस्थित आकलन उपलब्ध नहीं है।
 
अध्ययन दल ने कहा कि मध्यम स्तर के सुधारों की स्थिति में भी वर्ष 2040 तक गुर्दा प्रतिरोपण की जरूरत का केवल 32.6 प्रतिशत हिस्सा ही पूरा हो सकेगा जबकि यकृत, हृदय और फेफड़े के प्रतिरोपण की जरूरतों की पूर्ति सात प्रतिशत से भी कम रहेगी।