Omar Abdullah stressed on need-based planning in line with the government's development roadmap.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
वित्तीय अनुशासन पर जोर देते हुए, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सभी विभागों को सरकार के विकास के खाके के अनुरूप सुव्यवस्थित, आवश्यकता-आधारित प्रस्ताव प्रस्तुत करने का बुधवार को निर्देश दिया।
अब्दुल्ला ने लगातार दूसरे दिन आगामी बजट सत्र के लिए प्राथमिकताओं, क्षेत्रीय जरूरतों और अन्य अनिर्वाय प्रावधानों का आकलन करने के लिए कई प्रमुख विभागों के साथ विचार-विमर्श किया। बजट सत्र दो फरवरी से शुरू होने वाला है।
मुख्यमंत्री ने सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, लोक निर्माण (सड़कें एवं भवन), खनन, उद्योग एवं वाणिज्य तथा श्रम विभागों के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री के पास वित्त मंत्रालय का कार्यभार भी है।
अब्दुल्ला ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा, “विभागों को सरकार के विकास खाके और वित्तीय अनुशासन के अनुरूप सुव्यवस्थित और आवश्यकता-आधारित प्रस्ताव प्रस्तुत करने चाहिए।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विभागों को परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के साथ क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘बजट में जम्मू-कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित किया जाना चाहिए और इसमें समावेशी विकास, संतुलित क्षेत्रीय विकास और टिकाऊ आर्थिक प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।”