Officials in Bengal are not accepting forms for filing objections to voter list: BJP
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के दो जिलों में अधिकारियों ने मतदाता सूची में दर्ज प्रविष्टियों पर आपत्ति दर्ज कराने से जुड़े प्रपत्र सात को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
राज्य में विपक्षी दल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि मालदा और हुगली जिलों में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) ‘एक वैध लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित कर रहे हैं’।
पार्टी ने राज्य प्रशासन पर अवैध मतदाताओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
भाजपा ने कहा, ‘‘मालदा के इंग्लिश बाजार के छह निवासियों ने भारत निर्वाचन आयोग के प्रावधानों के अनुसार प्रपत्र सात के जरिये विधिवत रूप से 1,500 आपत्तियां जमा कराईं और ईआरओ (एसडीओ) से संपर्क किया। ईआरओ ने यह कहते हुए जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया कि वह सक्षम प्राधिकारी नहीं हैं और उन्हें एईआरओ (बीडीओ) के पास भेज दिया।’’
पार्टी का आरोप है कि एईआरओ ने जिला निर्वाचन कार्यालय से ‘निर्देशों’ के अभाव का हवाला देते हुए प्रपत्र स्वीकार करने से इनकार कर दिया और निवासियों को वापस भेज दिया।
भाजपा ने कहा कि इससे ‘जानबूझकर की गई टालमटोल और सुनियोजित बाधा’ का पर्दाफाश हुआ है तथा ‘कानून का पालन करने वाले नागरिकों को नौकरशाही के जाल में धकेल दिया गया है’।
पार्टी ने दावा किया कि हुगली जिले के चुचुरा विधानसभा क्षेत्र में भी ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हुई, जहां ईआरओ ने निर्देशों के अभाव का हवाला देते हुए भाजपा प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रस्तुत प्रपत्र-सात को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
भाजपा ने कहा, ‘‘भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश स्पष्ट हैं। यह जानबूझकर की गई देरी वैध आपत्तियों को रोकने के उद्देश्य से की गई है।’’
अभी तक जिला प्रशासन और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस में से किसी ने भी इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
प्रादेशिक कोलकाता