ओडिशा बाढ़: भद्रक के 261 गांव प्रभावित

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 30-07-2026
Odisha Floods: 261 villages in Bhadrak affected
Odisha Floods: 261 villages in Bhadrak affected

 

भद्रक (ओडिशा)

ओडिशा के भद्रक जिले में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जिला प्रशासन के अनुसार जिले की 61 ग्राम पंचायतों के 261 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि करीब 2.45 लाख लोग इस आपदा की चपेट में हैं। कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।

भद्रक के जिलाधिकारी दिलीप राउत्राय ने बताया कि 29 जुलाई दोपहर तक किए गए आकलन के अनुसार जिले की 61 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 261 गांवों में बाढ़ का असर देखा गया है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से भंडारीपोखरी और धामनगर ब्लॉक के कई गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं, जबकि अनेक पंचायतों का सड़क संपर्क कट चुका है।

राउत्राय ने बताया कि प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने 51 स्थानों पर निःशुल्क सामुदायिक रसोई (फ्री किचन) शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे बैतरणी नदी का पानी अखुआपाड़ा क्षेत्र से निचले इलाकों की ओर बढ़ रहा है, राहत केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। प्रशासन का अनुमान है कि धामनगर ब्लॉक की लगभग सभी ग्राम पंचायतें, साथ ही धामनगर एनएसी (नगर परिषद) भी बाढ़ से प्रभावित हो सकती हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि केवल बैतरणी नदी ही नहीं, बल्कि सलांदी नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है। इसके कारण भद्रक ब्लॉक, भद्रक नगर पालिका क्षेत्र और तिहिड़ी ब्लॉक में भी बाढ़ का असर तेजी से बढ़ा है। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन हर स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और लोगों की परेशानियों को कम करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, "हमारी टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। राहत सामग्री, भोजन, चिकित्सा सहायता और सुरक्षित स्थानों पर लोगों को पहुंचाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता हर प्रभावित परिवार तक समय पर सहायता पहुंचाना है।"

इस बीच, राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में सक्रिय रूप से लगी हुई हैं। ये टीमें न केवल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं, बल्कि बाढ़ में फंसे पशुधन को भी निकालने का काम कर रही हैं।

बालासोर जिले में भी बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं। प्रशासन द्वारा संचालित राहत शिविरों में विस्थापित परिवारों को स्वच्छ पका हुआ भोजन, पीने का पानी, चिकित्सा सुविधाएं और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रभावित परिवार को राहत से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

बुधवार को राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने मुख्य सचिव अनु गर्ग की मौजूदगी में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में लगातार हो रही बारिश और विभिन्न नदियों के बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की गई।

बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि पूरे राज्य में बाढ़ से लगभग दो लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें से करीब 30 हजार लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं, जहां उन्हें भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि भद्रक, बालासोर और जाजपुर जिले सबसे अधिक प्रभावित रहे हैं, लेकिन अब स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और प्रशासन ने हालात को नियंत्रण में रखने में सफलता प्राप्त की है। सरकार लगातार प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रही है और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त राहत एवं बचाव दल तैनात किए जा रहे हैं।

राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से तुरंत संपर्क करें।