भुवनेश्वर
ओडिशा उच्च न्यायालय और राज्य के कई अन्य अदालतों में बृहस्पतिवार को धमकी भरे गुमनाम ईमेल मिलने के बाद न्यायिक कार्यवाही घंटों तक प्रभावित रही। इन ईमेल्स में अदालतों के परिसर को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई थी, जिससे पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया।
धमकी भरी ईमेल से अफरा-तफरी
सूत्रों के अनुसार, उड़िया भाषा में भेजे गए इन ईमेल्स में कटक, संबलपुर और देवगढ़ स्थित जिला अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामले की जांच शुरू की और सभी संबंधित स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया।
ओडिशा पुलिस मुख्यालय ने एक बयान जारी करते हुए बताया कि धमकी भरे ईमेल को दो बजकर 35 मिनट पर प्राप्त किया गया, जिसके बाद गहन जांच की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस महानिदेशक वाईबी खुराना ने भी मामले पर कड़ी नजर रखने की बात कही और अधिकारियों को सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री की चिंता, जांच के आदेश
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की और उच्च अधिकारियों को जांच का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से मामले की पूरी गंभीरता से जांच करने को कहा और दोषियों को तुरंत पकड़ने का निर्देश दिया।
अदालती कार्यवाही स्थगित
महाअधिवक्ता पी. आचार्य ने इस घटना को फर्जी ईमेल करार दिया, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालतों की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। वकील, न्यायाधीश और वादी अदालत परिसर से बाहर चले गए, जबकि पुलिस ने परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जांच शुरू की।मुख्यमंत्री ने इस संबंध में शाम को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें इस घटना की समीक्षा की जाएगी।