एनएसडी के निदेशक चित्तरंजन त्रिपाठी ने कहा कि भारत रंग महोत्सव 2026 की सफलता के बाद यह आयोजन रंगप्रेमियों के लिए एक और बड़ा सांस्कृतिक उत्सव साबित होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि दर्शकों को इस बार भी विविध रंग-शैलियों के नाटक देखने को मिलेंगे।
उद्घाटन नाटक ‘अक्स तमाशा’ ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित लेखक चंद्रशेखर बी. कम्बार के कन्नड़ नाटक ‘सीरी सिम्पिगे’ का हिंदी रूपांतरण है। इसका अनुवाद वरिष्ठ रंगकर्मी राम गोपाल बजाज ने किया है। नाटक लोककथा और समकालीन रंगभाषा के माध्यम से भ्रम और सत्य की पड़ताल करता है।
महोत्सव में ‘बायेन’, ‘ताजमहल का टेंडर’, ‘बंदी गली का आख़िरी मकान’, ‘तमस’, ‘अंधा युग’, ‘आधे अधूरे’ और ‘समुद्र मंथन’ जैसे चर्चित नाटकों का भी मंचन किया जाएगा। दर्शक टिकट ऑनलाइन BookMyShow से प्राप्त कर सकते हैं।
महोत्सव का समापन 14 जून 2026 को ‘समुद्र मंथन’ नाटक के मंचन के साथ होगा।