आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अलीगंज स्थित उस इमारत पर बुधवार को नोटिस चस्पां किया, जहां इस सप्ताह भीषण आग लगने की घटना में 15 लोगों की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने बताया कि इमारत के मालिक को 15 दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने बताया कि नोटिस इमारत संबंधी उपनियमों के कथित उल्लंघन और परिसर के अनधिकृत उपयोग से संबंधित है। यह इमारत आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत थी, लेकिन इसका इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार, निर्धारित अवधि समाप्त होने और इमारत के मालिक का जवाब प्राप्त होने के बाद संरचना को ध्वस्त करने सहित आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि प्राधिकरण ने 23 जून को नोटिस जारी किया था और सुनवाई की तिथि सात जुलाई निर्धारित की है। उन्होंने कहा कि कानून के तहत मारत के मालिक को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का अवसर देना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस अवधि के दौरान प्राप्त किसी भी जवाब की जांच की जाएगी और उसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलता है और अंततः ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया जाता है, तो प्राधिकरण भवन को गिराने की कार्रवाई करेगा।’’
कुमार ने बताया कि एलडीए ने इमारत संबंधी उपनियमों के उल्लंघन और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ शहरव्यापी अभियान चलाने के लिए सात टीमें गठित की हैं।