"एक भी वोट छूटना नहीं चाहिए": SIR की समय-सीमा बढ़ाए जाने पर चंद्रशेखर आज़ाद

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 30-10-2026
"Not a single vote should be left out": Chandra Shekhar Azad on SIR deadline extension

 

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)
 
आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद ने शुक्रवार को 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) की समय-सीमा बढ़ाए जाने के बाद, सार्वभौमिक मताधिकार (सभी को वोट देने का अधिकार) के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने चुनाव अधिकारियों से मांग की कि वे किसी भी पात्र नागरिक को छूटने न दें। 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) की समय-सीमा बढ़ाए जाने पर अपनी बात रखते हुए, आज़ाद ने कहा कि भविष्य के लोकतांत्रिक नतीजों को तय करने के लिए हर एक वोट की सुरक्षा करना सबसे महत्वपूर्ण है। 
 
आज़ाद ने ANI से कहा, "एक भी वोट छूटना नहीं चाहिए। वोट देने का अधिकार सबसे बड़ा अधिकार है, क्योंकि यह आपके भविष्य को तय करता है, नीतियां बनाता है और आपके घर से लेकर पूरे देश तक से जुड़े फैसलों को प्रभावित करता है।" आज़ाद ने चुनाव आयोग से यह भी अपील की कि वह लोगों तक पहुंचने के प्रयासों और अपनी जवाबदेही को प्राथमिकता दे, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी मतदाता प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
 
उन्होंने आगे कहा, "इसलिए, कोई भी व्यक्ति छूटना नहीं चाहिए, भले ही समय-सीमा को और आगे क्यों न बढ़ाना पड़े। जो भी वैध वोट छूट गए हैं, उन्हें शामिल किया जाना चाहिए। चुनाव आयोग को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि हर पात्र व्यक्ति अपना वोट डाले और मतदान का प्रतिशत बढ़े। चुनाव आयोग को इस जिम्मेदारी को गंभीरता से लेना चाहिए।"
बुधवार को, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने हरियाणा, नागालैंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली सहित छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के तहत मतदाता सूची (इलेक्टोरल रोल) में संशोधन की समय-सीमा बढ़ा दी।
चुनाव आयोग ने राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (Chief Electoral Officers) के औपचारिक अनुरोधों के बाद यह निर्देश जारी किए।
 
29 अक्टूबर को निर्वाचन सदन से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, इन बदलावों के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने, उनके निपटारे के लिए नोटिस अवधि और अद्यतन मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन से जुड़ी महत्वपूर्ण समय-सीमाओं में बदलाव किया गया है। दिल्ली में, दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय-सीमा 25 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। दावे और आपत्तियों के लिए नोटिस देने और उनके निपटारे की प्रक्रिया 15 दिसंबर तक चलेगी। अंतिम सूची 22 दिसंबर को जारी की जाएगी।
 
महाराष्ट्र में, दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय-सीमा 13 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। दावे और आपत्तियों के लिए नोटिस देने और उनके निपटारे की प्रक्रिया 25 नवंबर तक चलेगी। आंध्र प्रदेश में, दावे और आपत्तियों के लिए नोटिस देने और उनके निपटारे की प्रक्रिया 20 नवंबर तक चलेगी। हरियाणा में, दावे और आपत्तियों के लिए नोटिस देने और उनके निपटारे की प्रक्रिया 20 नवंबर तक चलेगी। नागालैंड के लिए, संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दावे और आपत्तियों के लिए नोटिस देने और उनके निपटारे की प्रक्रिया 20 सितंबर से 25 नवंबर तक चलेगी। तेलंगाना में, संशोधित कार्यक्रम के तहत दावे और आपत्तियों के लिए नोटिस देने और उनके निपटारे की प्रक्रिया 26 नवंबर तक तय की गई है। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, नागालैंड और तेलंगाना में, अंतिम सूची 30 नवंबर को जारी की जाएगी।