नायडू ने विश्व तेलुगु सम्मेलन में कहा, कोई भी भाषा श्रेष्ठ या हीन नहीं होती

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 05-01-2026
No language is superior or inferior, says Naidu at World Telugu Conference
No language is superior or inferior, says Naidu at World Telugu Conference

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को कहा कि कोई भी भाषा दूसरी भाषा से श्रेष्ठ या हीन नहीं होती और उन्होंने देश भर के लोगों से एक-दूसरे की भाषाओं का सम्मान करने का आह्वान किया।
 
यहां चौथे विश्व तेलुगु सम्मेलन को संबोधित करते हुए नायडू ने जोर देकर कहा कि जो लोग अपनी मातृभाषा में अध्ययन करते हैं, वे अक्सर सफल होते हैं।
 
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘लोगों को एक-दूसरे की भाषाओं का सम्मान करना चाहिए। कोई भी भाषा दूसरी भाषा से बड़ी या छोटी नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी भाषाओं को नष्ट नहीं करती बल्कि उनके संरक्षण में मदद करती है।
 
अंग्रेजी को आवश्यक बताते हुए तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) प्रमुख ने कहा कि अपनी मातृभाषा को भूलना अपनी पहचान को भूलने के समान है।
 
नायडू ने कहा कि छह शास्त्रीय भाषाओं में तेलुगु का भी शामिल होना गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि करीब 10 करोड़ लोग तेलुगु बोलते हैं।
 
नायडू ने कहा कि सम्मेलन में 40 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
 
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राजामुंद्री में पोट्टी श्रीरामुलु के नाम पर एक तेलुगु विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा।
 
श्रीरामुलु गांधीवादी स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने 1952 में एक अलग आंध्र राज्य के लिए 58 दिनों तक आमरण अनशन किया था, जिसके परिणामस्वरूप आंध्र राज्य का गठन हुआ। इस प्रकार वे भारत में भाषा आधारित राज्यों के निर्माण के लिहाज से एक महत्वपूर्ण व्यक्ति बन गए।