No increase in interest rates on deposits for the next two-three months: SBI Chairman
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने बृहस्पतिवार को कहा कि बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त नकदी उपलब्ध होने के कारण अगले दो-तीन माह में जमा दरों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं दिख रही है।
इसके साथ ही, शेट्टी ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रेपो दर में बढ़ोतरी से बैंकों के शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) को अगले दो-तीन तिमाहियों तक फायदा मिल सकता है।
आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने नीतिगत ब्याज दर रेपो को 0.25 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत करने का फैसला किया है। इसके अलावा मौद्रिक रुख को भी बदलकर ‘सोच-समझकर सख्ती’ वाला कर दिया गया है।
आरबीआई की इस घोषणा के बारे में पूछे जाने पर शेट्टी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरा मानना है कि अगले दो-तीन महीनों में बैंक जमा पर दरों में कोई बदलाव नहीं होगा, क्योंकि बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त नकदी मौजूद है।’’
हालांकि, उन्होंने कहा कि यदि ऋण वृद्धि मौजूदा ऊंचे स्तर पर जारी रहती है, तो कुछ बैंकों को कर्ज देने के लिए धन जुटाने को जमा दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं।
उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई की स्थिति में जमाकर्ताओं को कुछ हद तक सकारात्मक वास्तविक ब्याज दर मिलना भी जरूरी है।
एनआईएम के बारे में पूछे जाने पर शेट्टी ने कहा, ‘‘अगली दो-तीन तिमाहियों में दर बढ़ोतरी के फैसले का एनआईएम पर सकारात्मक असर होगा। बाजार को उम्मीद है कि दो या तीन चरणों में कुल 0.75 प्रतिशत अंक की दर बढ़ोतरी होगी। मेरा मानना है कि एनआईएम को यह लाभ दो-तीन तिमाहियों तक मिलेगा।’’
उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में 50 प्रतिशत से अधिक ऋण बाहरी मानक से जुड़ी ऋण दर से संबद्ध हैं और आरबीआई की रेपो दर में बदलाव के अनुरूप इनकी दरों में भी बदलाव होता है।