नाना पाटेकर : पर्दे पर गहनता को नई पहचान देने वाले बेजोड़ कलाकार

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 08-10-2026
Nana Patekar: The unparalleled artist who redefined intensity on screen
Nana Patekar: The unparalleled artist who redefined intensity on screen

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
गैर-पारंपरिक, जटिल, संजीदा और विविध... कई विशेषण, एक शख्सियत नाना पाटेकर।
 
ये विशेषण नाना पाटेकर के व्यक्तित्व का जितना वर्णन करते हैं, उतना ही उस अभिनेता की पर्दे पर साफ नजर आने वाली संजीदगी के बारे में भी बताते हैं।
 
‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’, ‘यशवंत’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में अलग-अलग विधाओं को साधते हुए पाटेकर ने स्टारडम को छुआ जरूर, लेकिन कभी पूरी तरह उसके वश में नहीं हुए। शायद उनके लिए मिलने वाली भूमिकाओं की असाधारण विविधता ही काफी थी।
 
फिल्म उद्योग में, जहां कूटनीति को जरूरी हुनर माना जाता है, पाटेकर अपनी बेबाकी और दो-टूक अंदाज के लिए जाने जाते थे। 75 वर्षीय अभिनेता का बृहस्पतिवार को गोवा स्थित उनके घर में निधन हो गया।
 
अपने निधन से महज चार दिन पहले पणजी के पास समुद्र तटीय इलाके डोना पाउला में एक कार्यक्रम में पाटेकर ने कहा था, ‘‘हम सभी को एक दिन जाना है। मुझे नहीं पता कि मैं कल यहां रहूंगा या नहीं। हर किसी के जीवन में वह समय आता है। लेकिन उससे पहले हमें सोचना चाहिए... क्या मैं वह कर पा रहा हूं जो मैं करना चाहता हूं?’’