केरल के जमीनी और मुखर नेता के रूप में है नए मुख्यमंत्री चुने गए सतीशन की पहचान

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 14-05-2026
Newly elected Chief Minister Satheesan is known as a grassroots
Newly elected Chief Minister Satheesan is known as a grassroots

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
केरल की राजनीति में जमीनी व मुखर नेता के रूप में पहचाने जाने वाले कांग्रेस के दिग्गज वी. डी. सतीशन अब राज्य की बागडोर संभालने जा रहे हैं।
 
कांग्रेस आलाकमान ने पार्टी के शीर्ष नेताओं और प्रदेश इकाई के साथ लंबी मंत्रणा के बाद केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए सतीशन के नाम पर आज मुहर लगा दी।
 
सतीशन केरल की पिछली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे। केरल विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत के पीछे अहम भूमिका निभाने वाले सतीशन ने चुनाव से ठीक पहले, वादा किया था कि अगर कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) निर्णायक जीत हासिल नहीं करता, तो वह ‘राजनीतिक वनवास’ ले लेंगे।
 
चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने गठबंधन की संभावनाओं को लेकर दृढ़ भरोसा जताया था। संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा जीत गया और अब यह वादा सतीशन के उस भरोसे का संकेत ज्यादा लगता है कि परिस्थितियां पहले ही उनके पक्ष में बदल चुकी थीं।
 
केरल में कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए इस जीत की जड़ें 2021 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद के कठिन दौर से जुड़ी हैं, जब राहुल गांधी ने सतीशन को विपक्ष का नेता बनाया था। तब जो फैसला जोखिम भरा और अनिश्चितता वाला लग रहा था, अब पार्टी के भीतर उसे एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
 
सतीशन के जमीनी स्तर के काम और स्थानीय मुद्दों पर लगातार ध्यान देने से संगठन और मतदाताओं का भरोसा फिर से मजबूत हुआ।
 
यूडीएफ की जीत हुई, सतीशन ने एर्नाकुलम जिले की परवूर सीट बरकरार रखी, और पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे अचानक आई लहर के बजाय एक शांत और सोच-समझकर की गई वापसी बताया।
 
छात्र आंदोलन से उभरकर केरल की सबसे मुखर विपक्षी आवाज़ों में से एक बने वीडी सतीशन ने खुद को रणनीतिक तौर पर कुशल नेता के रूप में स्थापित किया है, जो कानूनी समझ और राजनीतिक चतुराई का संयोजन करते हुए हाल के वर्षों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा को फिर से मजबूत करने में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं।
 
एर्नाकुलम जिले के नेट्टूर निवासी सतीशन की राजनीति में शुरुआती पकड़ एस. एच. कॉलेज, थेवरा में छात्र राजनीति में सक्रियता के जरिये बनी और बाद में उन्होंने महात्मा गांधी विश्वविद्यालय में छात्र नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।