नीट प्रश्नपत्र लीक मामला गंभीर, एनटीए को भंग किया जाना चाहिए : विजयन

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 13-05-2026
NEET question paper leak case is serious, NTA should be dissolved: Vijayan
NEET question paper leak case is serious, NTA should be dissolved: Vijayan

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
केरल के निवर्तमान मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने बुधवार को नीट-स्नातक प्रश्न पत्र लीक से जुड़े आरोपों को ‘बेहद गंभीर और निंदनीय’ करार देते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने की मांग की।
 
विजयन ने एक बयान में कहा कि चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट)का प्रश्न पत्र लीक होना और अनियमितताओं की बार-बार होने वाली घटनाएं इस अत्यधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षा की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के आत्मविश्वास और आकांक्षाओं को नष्ट कर रही हैं।
 
उन्होंने कहा, ‘‘नीट को लेकर बार-बार होने वाले विवाद बेहद गंभीर और अस्वीकार्य हैं। छात्र वर्षों तक कड़ी मेहनत और उम्मीद के साथ परीक्षा की तैयारी करते हैं। ऐसी घटनाएं उनके आत्मविश्वास और भविष्य को कमजोर करती हैं।’’
 
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(माकपा)के पोलित ब्यूरो सदस्य विजयन ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जवाबदेह अधिकारी अपने कर्तव्य में विफल रहे हैं।
 
उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के संचालन का जिम्मा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को सौंपे जाने के बाद से प्रश्न पत्र लीक होने के आरोप पहली बार सामने नहीं आए हैं।
 
अनुभवी वाम नेता ने कहा, ‘‘ एनटीए को भंग कर देना चाहिए और परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी संबंधित सरकारी एजेंसियों को वापस सौंप देनी चाहिए, जैसा कि पहले किया जाता था।’’
 
उन्होंने प्रश्नपत्र लीक, भ्रष्टाचार और कोचिंग माफियाओं की कथित भूमिका से संबंधित आरोपों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की अनियमितताएं वर्षों की कड़ी मेहनत और आर्थिक संघर्ष के बावजूद गरीब परिवारों के छात्रों को उचित अवसरों से वंचित कर रही हैं।
 
विजयन ने इस मामले में व्यापक, पारदर्शी और समयबद्ध जांच के साथ ही दोषियों के लिए कठोर दंड सुनिश्चित करने की मांग की।
 
निवर्तमान मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘केंद्र को परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। छात्रों के भविष्य को एक प्रयोग में नहीं बदलना चाहिए। प्रवेश परीक्षा प्रबंधन को एक ऐसा मजाक नहीं बनना चाहिए जो छात्रों के सपनों को चकनाचूर कर दे।’’
 
नीट-स्नातक 2026 परीक्षा तीन मई को आयोजित की गई थी। इसके प्रश्न पत्र के लीक होने की खबरों के बाद राजस्थान स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच शुरू की।