NEET paper leaks jeopardising future of lakhs of students, says Himachal CM Sukhu
शिमला (हिमाचल प्रदेश)
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को आरोप लगाया कि नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) में बार-बार हो रहे पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है और उन्होंने इस मामले की गहन जांच की मांग की। शिमला में मीडिया से बात करते हुए सुक्खू ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक होने की बार-बार हो रही घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, "NEET परीक्षा का पेपर बार-बार लीक होने से लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। इस पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए।" भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए सुक्खू ने आरोप लगाया कि BJP सरकारों के दौरान पेपर लीक की कई घटनाएं सामने आई थीं। हिमाचल प्रदेश का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कार्यकाल के दौरान प्रश्न पत्र लीक हुए थे, जिनमें हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाएं और पुलिस भर्ती परीक्षा शामिल हैं।
उन्होंने कहा, "पिछली BJP सरकार के दौरान हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं और पुलिस भर्ती परीक्षा में पेपर लीक हुए थे। इन अनियमितताओं के कारण मौजूदा सरकार को हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग को भंग करना पड़ा।" मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने NEET परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए हिमाचल सड़क परिवहन निगम (HRTC) की बसों में मुफ्त यात्रा की व्यवस्था की है।
उन्होंने कहा, "हमने NEET परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए HRTC बसों के माध्यम से मुफ्त परिवहन सुनिश्चित किया है ताकि उन्हें किसी भी तरह की असुविधा न हो।" भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) में हिमाचल प्रदेश के हिस्से का मुद्दा उठाते हुए सुक्खू ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा मान्यता प्राप्त राज्य का 7.19 प्रतिशत हिस्सा बनता है और सरकार अपने अधिकार हासिल करने के प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के 7.19 प्रतिशत हिस्से को स्वीकार किया है। हमारी सरकार इस अधिकार को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।"
सुक्खू ने कहा कि पंजाब और राजस्थान की सरकारों के साथ बातचीत चल रही है और हरियाणा सरकार के साथ भी जल्द ही बातचीत की जाएगी।
उन्होंने कहा, "हरियाणा सरकार को अदालत में हलफनामा दायर करके हिमाचल प्रदेश के जायज दावे का समर्थन करना चाहिए। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि राज्य को उसका उचित हिस्सा मिले।" आने वाले मॉनसून सीज़न को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मौसम से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और उसने प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
सुक्खू ने कहा, "हमारा मकसद जान-माल के नुकसान को कम से कम रखना और किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत राहत और पुनर्वास सुनिश्चित करना है।"